लखनऊ। एक ओर आवास विकास संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए आवंटियों को नोटिस पर नोटिस भेज रहा है तो दूसरी ओर एलडीए चुप्पी साधे है। आवास विकास, एलडीए के 510 भूखंड, मकान व फ्लैट के खरीदार पूरी कीमत चुकाकर इन संपत्तियों को खरीद तो चुके हैं, पर इनकी रजिस्ट्री नहीं करा रहे। इनमें आवास विकास के 400 और एलडीए के 110 आवंटी हैं।
माना जा रहा है कि आवास विकास की संपत्ति के खरीदारों के पास धन का अभाव है, या फिर वे पैसा बचा रहे हैं। रजिस्ट्री करवाने के लिए लगातार नोटिस के बावजूद ये लापरवाह बने हैं। वृंदावन सहित सभी योजनाओं के इन आवंटियों के खिलाफ अब आवास विकास इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। उधर, एलडीए की गोमतीनगर विस्तार योजना के 110 भूखंडों के आवंटी रजिस्ट्री नहीं करा रहे, फिर भी संपत्ति इकाई के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। चर्चा है कि ये संपत्तियां बेनामी हैं, जिनके खरीदार रसूखदार हैं।
संपत्ति पर कब्जा तो क्यों कराएं रजिस्ट्री
आवास विकास के आवंटियों ने किस्त पर संपत्ति खरीदी है। पहले कब्जा मिल जाने के बाद अब आवंटी रजिस्ट्री कराने में लापरवाही बरत रहे हैं।
एलडीए अफसरों-कर्मियों के तो नहीं भूखंड
दस महीने पहले एलडीए की गोमतीनगर विस्तार योजना में 110 भूखंडों के आवंटियों के रजिस्ट्री न कराए जाने की जांच के निर्देश दिए गए थे, पर इसे दबा दिया गया। चर्चा है कि इन भूखंडों के अधिकतर खरीदार डमी हैं। असल खरीदार कुछ रसूखदार व एलडीए अफसर, कर्मचारी हैं। भूखंड की अच्छी कीमत मिलने पर उसे दोबारा बेचकर एलडीए से सीधे रजिस्ट्री करा दी जाएगी।
75 रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माने का प्रावधान
आवास विकास के नोटिस के बावजूद आवंटी संपत्ति की रजिस्ट्री नहीं कराता है तो उस पर 75 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगता है। जब आवंटी रजिस्ट्री कराने पहुंचता तो उससे जुर्माना वसूली की जा सकती है। हालांकि, इसमें भी छूट का प्रावधान है, जिससे आवंटी नोटिस को नजरअंदाज करते रहते हैं। उपायुक्त आवास हिमांशु गुप्ता का कहना है कि आवास विकास के 400 आवंटी खरीदी संपत्ति की पूरी कीमत का भुगतान कर चुके हैं, पर रजिस्ट्री नहीं करा रहे। इनकी सुविधा के लिए वृंदावन कॉलोनी स्थित कार्यालय में शिविर भी लगाया गया, जिसमें उम्मीद से कम आवंटी रजिस्ट्री कराने पहुंचे।
एलडीए में भटकते रहते हैं रजिस्ट्री के आवेदक
आवास विकास अपने आवंटियों को रजिस्ट्री कराने के लिए नोटिस भेजने के साथ विशेष शिविर लगा रहा है, उधर एलडीए में आवंटी रजिस्ट्री कराने के लिए दर भटक रहे हैं। एलडीए के संपत्ति अनुभाग के अधिकारी, कर्मचारी आवंटियों की रजिस्ट्री न हो, इसके लिए बाधा पैदा करते रहते हैं। जनता अदालत से लेकर नागरिक सुविधा दिवस तक में रजिस्ट्री करवाने के लिए पीड़ित पहुंचते हैं।