आवास विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनजीटी) में आने वाले गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़-पिलखुवा, बुलंदशहर-खुर्जा, बागपत-बड़ौत-खेकड़ा, मुजफ्फरनगर व सहारनपुर विकास प्राधिकरणों को वायु प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही उसने सभी विकास प्राधिकरणों से निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के कारण होने वाले वायु प्रदूषण की रिपोर्ट भी मांगी है। विभाग ने यह जानकारी प्रदेश में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की गाइडलाइन के मद्देनजर मांगी है।
दरअसल, इस साल दिवाली से पहले ही दिल्ली समेत उप्र, हरियाणा व पंजाब के अधिकांश क्षेत्रों में जानलेवा वायु प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसे नियंत्रित करने को लेकर एनजीटी ने गाइडलाइन जारी की है। इसके मद्देनजर आवास विभाग ने वायु प्रदूषण फैलाने वाली परियोजनाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि अगर किसी भी प्रोजेक्ट में निर्माण कार्यों से वायु प्रदूषण हो रहा है तो उस निर्माण को तत्काल रोक दिया जाए।
इसके मद्देनजर आवास विभाग ने सभी विकास प्राधिकरणों को निर्देश जारी किया है। इसमें निर्माण सामग्री को ढंककर रखने और उस पर पानी का छिड़काव करते रहने को कहा है। इसी तरह ढुलाई करने वाले वाहनों की धुलाई कर चलाने, सड़कों के किनारे मलबा न रखने, पेड़ों से गिरने वाली पत्तियों व पार्कों से निकले वाले घास-फूस को जलाने के बजाय कम्पोस्ट तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं।