कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह
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यूपी के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि 70 साल से तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों ने नागरिकता कानून पर भ्रम फैलाया है। यह कानून किसी की नागरिकता लेने का नहीं बल्कि देने का कानून है। मोदी सरकार धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करती। सबके लिए काम करती है पर कांग्रेस ने मुसलमानों को डराकर 70 साल तक उन्हें अपना वोटबैंक बनाया है।
सिद्धार्थ नाथ सिंह शनिवार को गोंडा में नागरिकता संशोधन कानून पर लोगों को जागरुक करने के लिए आयोजित किए गए अभियान में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मोदी ने देश की जनता को आयुष्मान योजना जैसी विकास की योजनाएं दी और बिना भेदभाव हिंदू मुसलमान दोनों को लाभ पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि 2019 में देश की जनता ने केंद्र में एक मजबूत सरकार दी। मोदी ने 370 हटाया। तीन तलाक पर कानून बनाया। राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया जिसका सबने स्वागत किया। विपक्ष को लगता है कि सरकार अब समान नागरिक संहिता जैसे कानून लाने जा रही है तो विपक्ष नए ड्रामे कर रहा है।
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि नेहरू लियाकत समझौता 1950 में हुआ था। जिन्होंने तब इसका समर्थन किया था अब विरोध कर रहे हैं। यह पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में सताए हुए अल्पसंख्यक लोगों को नागरिकता देने का कानून है। बता दें कि भाजपा नागरिकता संशोधन कानून पर देश की जनता को जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है जिसके तहत गोंडा के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह जिले में जनसभा में अपना पक्ष रख रहे थे।