शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लगाए आरोप।
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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने जो लोग राम को नहीं मानते, वह आज राम मंदिर के कर्ता-धर्ता बने हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अपने कार्यालय में राम जी की तस्वीर कोने में रखते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुले मंच से झूठ बोल रहे हैं कि हनुमानगढ़ी परिसर में नमाज पढ़ी गई। यदि ऐसा हुआ है तो वह फोटो और वीडियो दिखाएं।
शनिवार को शहर के एक पैलेस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और राम मंदिर के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया कि आरएसएस सदस्य भगवान राम को नहीं मानते। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने राम जन्मभूमि पर नियंत्रण कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भगवान राम की तस्वीर तक नहीं लगा सकते, वह अब राम के बारे में सब कुछ तय कर रहे हैं।
उन्होंने कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि पर भी निशाना साधा। पूछा कि राम मंदिर मामले की लड़ाई के दौरान गोविंद गिरि कहां थे। उन्होंने गोविंद गिरि को कानूनी नोटिस भेजने की बात भी कही। उन्होंने राम मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल वीवीआईपी को ही अंदर जाने दिया जा रहा है। अयोध्या के संतों को प्रवेश से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा, प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए पांच हजार संतों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन किसी भी संत को गर्भगृह के अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने सनातन धर्म के अनुयायियों से इस पर चुप न रहने का आग्रह किया।