दीपावली में दिल्ली, जयपुर, मुम्बई, कोलकाता, जम्मू समेत अन्य शहरों से लोगों का अपने घर लखनऊ आना जारी है। वहीं लखनऊ से भी बाहर जाने वाली की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। खास बात है कि जिन्हें यहां से जाने का टिकट मिल गया है, उनका वापसी का सफर मुश्किल होगा।
ट्रेनों की वेटिंग 400 का आंकड़ा पार कर चुकी है। जबकि हवाई जहाज का किराया दोगुना महंगा हो गया है। चारबाग रेलवे स्टेशन व लखनऊ जंक्शन पर मंगलवार को काफी भीड़ रही। लखनऊ से दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल(12229) में वेटिंग का आंकड़ा 21 अक्तूबर को 200 पार पहुंच गया।
वहीं 22 व 23 अक्तूबर को क्रमश: वेटिंग 430 व 146 है। ऐसे ही लखनऊ जंक्शन से दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस(12003) में 21, 22 व 23 अक्तूबर को क्रमश: 104, 197 व 147 है, जो लगातार बढ़ रही है। वहीं चारबाग से नई दिल्ली जाने वाली पसंदीदा ट्रेन एसी एक्सप्रेस(12429) में इन तीनों में वेटिंग क्रमश: 248, 337 व 133 है।
इसी क्रम में लखनऊ से मुम्बई जाने वाली ट्रेनों में भी खासी वेटिंग हो गई है। पुष्पक एक्सप्रेस(12533) में 21, 22 व 23 अक्तूबर को वापसी करने वालों के लिए कन्फर्म सीट का संकट है। इन तीन दिनों में वेटिंग 352, 293 व 173 पहुंच गई है।
इमरजेंसी कोटे का दबाव बढ़ा
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- फोटो : डेमो
वहीं अवध एक्सप्रेस(19038) में वेटिंग क्रमश: 128, 119 व 92 है और कुशीनगर एक्सप्रेस(11016) में वेटिंग 21, 22 व 23 को 79, 164, 131 हो गई है। यह हाल तो ट्रेनों का है। जबकि हवाईजहाज का किराया भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
रेलवे की ओर से वीआईपी व जरूरतमंदों के लिए मुहैया कराया जाने वाले इमरजेंसी कोटे पर भी सीटों को लेकर जबरदस्त दबाव है। पुष्पक एक्सप्रेस की थर्ड एसी में जहां करीब 15 सीटें कोटे की हैं, वहीं सीट के लिए रोजाना तीन दर्जन से अधिक आवेदन आ रहे हैं। कमोबेश यही स्थिति लखनऊ मेल व एसी एक्सप्रेस की है।
महंगा हुआ हवाई सफर (रुपये में)
लखनऊ-मुम्बई लखनऊ-दिल्ली
21 अक्तूबर रु 10,226 5,290
22 अक्तूबर 14,443 8,049
23 अक्टूबर 11,460 5,840