बेलगाम आटो व टेंपो ऑपरेटरों ने राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) द्वारा तय किए गए किराए को मानने से इन्कार कर दिया है।
एसटीए द्वारा किराया बढ़ाए दो दिन गुजर चुके लेकिन ऑपरेटरों ने अभी तक नई किराया सूची जारी नहीं की है। वहीं दूसरी ओर सवारियों से मनमानी किराया वसूली जारी है।
ऑपरेटरों का कहना है कि मनमाफिक किराया बढ़ोतरी होने तक वे नई सूची जारी नहीं करेंगे और जो किराया वसूल रहे हैं वसूलते रहेंगे।
एसटीए के द्वारा सोमवार को ऑटो के किराये में 45 पैसा प्रति किमी और टेंपो में 85 पैसा प्रति किमी के रेट से किराया बढ़ोतरी की मंजूरी दी गई।
अब ऑटो का किराया पहले एक किमी का 5.45 के बजाय 5.90 रुपये और प्रत्येक 500 मीटर का 2.80 रुपए और टेंपो का किराया पहले एक किमी का 5.45 के बजाय 6.30 रुपए और प्रत्येक 500 मीटर पर 3.05 रुपए हो गया है।
ऑटो एवं टेंपो ऑपरेटरों का कहना कि एसटीए ने जो रेट तय किए उससे नया किराया कम होगा। इसलिए जो किराया वसूला जा रहा वही वसूलेंगे।
ऑटो ऑपरेटरों की बुधवार को चारबाग में आयोजित बैठक में जब एसटीए के रेट के आधार पर किराया सूची जारी करने पर चर्चा हुई तो ऑपरेटरों ने उसे नकार दिया।
एसटीए को प्रतिवेदन देंगे कल
ऑटो एवं टेंपो ऑपरेटरों के प्रतिनिधि पंकज दीक्षित एवं राजेश राज ने बुधवार को बताया कि एसटीए के द्वारा किराया बढ़ाने के जो रेट तय किए गए वह महंगाई के दौर को देखते हुए सहीं नहीं हैं।
इसीलिए एसटीए के निर्धारित रेट के आधार पर नये किराए की सूची जारी नहीं की गई। इस सिलसिले में 16 अगस्त को एसटीए के अध्यक्ष एवं परिवहन आयुक्त रजनीश गुप्ता को प्रतिवेदन देकर ऑटो एवं टेंपो के किराया बढ़ोतरी के रेट को संशोधित करने की मांग करेंगे।
ऑटो ऑपरेटरों के द्वारा बुधवार को भी मनमाना किराया वसूलने का धंधा जारी रहा। चारबाग से इंजीनियरिंग कॉलेज जाने वाले छात्र अभिषेक सिंह ने बताया कि उससे 20 रुपए वसूले गए, जबकि तय किराया 17 रुपए है।
ऑपरेटर को 17 रुपए देने लगे तो वह मारपीट पर आमादा हो गया। निजी कंपनी में कार्यरत कोमल ने बताया कि पीक ऑवर्स में ऑटो ऑपरेटरों के द्वारा बुक करके चलने का ड्रामा करते।
जब तीन-चार सवारी एकत्र हो जाती तो 22-22 रुपए किराया पहले वसूल करके मुंशी पुलिया से चारबाग के लिए चलते हैं।
सबसे बड़ी अंधेरगर्दी तो चारबाग से आलमबाग बस अड्डे तक जाने पर देखने को मिलती है। चारबाग से आलमबाग बस अड्डे का तय किराया तो 6 रुपये है लेकिन खुलेआम जबरिया 10 रुपए वसूले जा रहे हैं।
ऑपरेटरों की मनमानी का शिकार होने वाले छात्र राकेश एवं विवेक ने बताया कि इसकी शिकायत एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से की पर कोई फायदा नहीं।