सालभर का इंतजार खत्म होने को है। दीप पर्व 19 को मनाया जाएगा। इस बार दोपहर से रात तक पूजन करने की तीन सबसे शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं। इस समय लक्ष्मीकारक स्थिर वृष लग्न होने के कारण पूजन करना गृहस्थों के साथ ही व्यापारियों के लिए भी सबसे शुभ रहेगा। ज्योतिषियों के मुताबिक, धन और ऐश्वर्य की देवी महालक्ष्मी के पूजन के लिए शाम को स्थिर वृष लग्न में 6:55 बजे से 8:52 बजे तक पूजन करने का मूहूर्त सर्वश्रेष्ठ है।
शाम की इस लग्न के अलावा सुबह और दोपहर की अन्य लग्नों में भी पूजन करना श्रेयस्कर रहेगा। हस्त नक्षत्र का संयोग भी मिल रहा है, लेकिन इस बार महानिशा पूजा के सिंह लग्न का योग नहीं मिलेगा। गोमतीनगर निवासी आचार्य प्रदीप ने रविवार को बताया कि 18 अक्टूबर की रात 11:33 बजे के बाद से अमावस्या लग जाएगी, जो कि बृहस्पतिवार 19 अक्टूबर को रात 11:45 बजे बजे तक रहेगी।
उन्होंने बताया कि दीपावली पर गणेश-लक्ष्मी और कुबेर के पूजन के लिए शाम को स्थिर वृष लग्न में शाम 6:55 बजे से रात 8:52 बजे तक दीपावली पूजा का सबसे शुभ मूहूर्त है। इस लग्न में घरों में गृहस्थों और प्रतिष्ठानों में व्यापारियों का पूजन करना उत्तम रहेगा। इसके अलावा दोपहर में 2:17 बजे से 3:18 बजे तक स्थिर कुंभ लग्न में भी पूजन किया जा सकेगा।
सुबह की लग्न में भी पूजन कर सकतें हैं, लेकिन चूंकि अमावस्या रात 11:45 बजे तक ही है और सिंह लग्न देर रात 1:23 बजे से शुरू हो रही है, इसलिये महानिशा पूजन के लिये सिंह लग्न नहीं मिल सकेगी। महानिशा पूजन करने वाले लोग 11:30 बजे से पूजन कर सकते हैं।