लखनऊ। इंदिरानगर के चांदन गांव निवासी रूबीना ने 28 जून को छह साल की भतीजी आइसा को इतना बेरहमी से पीटा कि बच्ची की मौत हो गई। वारदात के बाद रूबीना ने बच्ची के परिजनों को बुलाया और चुपचाप शव को उनके हवाले करते हुए गांव भेज दिया। बच्ची के पिता शमशुद्दीन ने 8 जुलाई को साली रूबीना के खिलाफ इंदिरानगर थाने में हत्या का केस दर्ज कराया। शुक्रवार देर रात पुलिस ने आरोपी रूबीना को गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर इंदिरानगर सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि मूल रूप से सीतापुर के महमूदाबाद बिलासपुर निवासी शमशुद्दीन पेशे से मजदूर हैं। उनके मुताबिक तीन माह पहले इंदिरानगर चांदन गांव निवासी साली रूबीना उनकी छह साल की बेटी आइसा को पढ़ाने के लिए अपने साथ ले गई थी। 28 जून की सुबह रूबीना ने शमशुद्दीन को फोन कर सूचना दी कि आइसा की मौत हो गई है। खबर पाकर वह परिवार के अन्य लोगों के साथ साली रूबीना के घर पहुंचे। शमशुद्दीन का आरोप है कि साली व उसके परिजनों ने बच्ची की मौत के बारे में कुछ भी नहीं बताया और एक गाड़ी करके शव को परिजनों के साथ गांव भेज दिया।
शरीर पर मिले थे चोट के छह निशान
शमशुद्दीन के मुताबिक गांव पहुंचने के बाद परिजन बच्ची के अंतिम संस्कार में लग गए। शव को नहलाने के बाद बच्ची के शरीर पर चोट के कई निशान मिले। उन लोगों ने फौरन सूचना महमूदाबाद पुलिस को दे दी। पुलिस पहुंची और बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर इंदिरानगर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट लगने से बच्ची की मौत होने की पुष्टि हुई। इसके अलावा बच्ची के शरीर पर चोट के छह अलग-अलग निशान भी मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद बच्ची के पिता 8 जुलाई को शिकायत लेकर इंदिरानगर पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने फौरन पिता की तहरीर पर रूबीना के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। शुक्रवार देर रात पुलिस ने आरोपी रूबीना को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ की गई तो उसने बताया कि पिटाई के दौरान चोट लगने से बच्ची की मौत हो गई थी।
नौकरों की तरह मौसी करवाती थी काम
बच्ची के पिता शमशुद्दीन ने बताया कि रूबीना के पति फारूक पेशे से ऑटो चालक हैं। उनका आरोप है कि रूबीना बच्ची से नौकरों की तरह काम करवाती थी। मामूली सी गलती पर रूबीना बच्ची के साथ मारपीट भी करती थी। पुलिस ने बच्ची की पिटाई में प्रयोग किया गया डंडा बरामद कर लिया है।