राजधानी लखनऊ स्थित केजीएमयू के नेफ्रोलॉजी विभाग में तैनात आरोपी डॉक्टर का एक और ऑडियो शनिवार को सामने आया। इसमें जूम मीटिंग के जरिये कथित रूप से डॉक्टर और दलाल के बीच मरीज को निजी अस्पताल में भेजने के संबंध में करीब तीन मिनट की बातचीत दर्ज है। अमर उजाला के पास मौजूद ऑडियो में दलाल आरोपी डॉक्टर को पूर्व में किसी ईएनटी डॉक्टर का मामला छह लाख में निपटाने का भी दावा करते हुए आश्वासन दे रहा है।
दलाल: डॉक्टर आप घबराए नहीं, आपने तो ट्रॉमा सेंटर रेफर किया था। आपको बस यही बोलना है।
डॉक्टर: हां, हम तो यही बोलेंगे... हमने वहीं भेजा था।
दलाल: परिजन के पास आपकी कोई कॉल रिकार्डिंग तक नहीं है क्या कर पाएंगे।
डॉक्टर: परिजन ने आरोप लगाए हैं कि एक लाख रुपये ले लिए गए, यार हमने तो उससे विजिट फीस भी नहीं ली है।
दलाल: आप बिल्कुल परेशान न हों, कुछ न होगा।
डॉक्टर: देखो जब पेशेंट का पैसा खर्चा होता है तो उसका गुस्सा उसी के लिए रहता है।
दलाल: भैया... जैसे अभी वो ईएनटी के डॉक्टर रमेश थे। उनका छह लाख में मामला निपटा था। पेशेंट मर गया था, मगर उन्होंने ऑपरेशन करा था। तब भी इतना मामला हुआ फिर भी उनको कुछ नहीं हुआ। छोड़ दिए गए। आपने तो कुछ किया ही नहीं है।
डॉक्टर: मैंने तो पेशेंट को एक इंजेक्शन भी नहीं दिया भाई। मैंने एचओडी सर को सब सच बता दिया, पूछा मुझे क्या करना चाहिए। उन्होंने सीधा डिनाई करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि देखो कमेटी बनेगी, सवाल-जवाब होगा, सीधा कहना है कि मैंने उस पेशेंट को देखा ही नहीं...
दलाल: लेकिन फोन पर तो बात हुई होगी परिजनों से।
डॉक्टर: मेरे नंबर पर फोन किया होगा मगर रिकार्ड कुछ नहीं होगा।
दलाल: आप परेशान न हो सब मैनेज हो जाएगा।
डॉक्टर: हां देख लो यार, परिजनों से बात करके शिकायत पत्र वापस करवा लो बस।
दलाल: परिजनों को कुछ पैसा देकर शिकायत वापस ले ली जाएगी।
डॉक्टर: ठीक है, देखे रहना मीडियाबाजी न हो।