यूपी में भी दिल्ली व पंजाब की तर्ज पर वीआईपी वाहन नंबर की नीलामी होगी। नीलामी की शुरुआत 15 जुलाई से होगी। इस व्यवस्था में मनचाहे नंबर के लिए ऑनलाइन ऊंची बोली लगानी होगी। जिसकी बोली सबसे ज्यादा होगी, उसको वीआईपी नंबर दे दिया जाएगा। नीलामी में सिर्फ वाहन मालिक ही भाग ले सकेंगे। बोली लगाने वाले को नंबर की कीमत की एक तिहाई रकम जमानत के तौर पर जमा करनी होगी। इस संबंध में सभी आरटीओ को निर्देश दिए गए हैं।
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परिवहन आयुक्त पी. गुरु प्रसाद ने बताया कि इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए सॉफ्टवेयर का सफ ल परीक्षण हो चुका है। एक सप्ताह तक सॉफ्टवेयर का ट्रायल होगा और खामियों को दूर किया जाएगा। इसके बाद 343 वीआईपी वाहन नंबरों की 15 जुलाई से नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
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एक हफ्ते में मिलेगा वीआईपी नंबर
वीआईपी वाहन नंबर की नीलामी की प्रक्रिया 7 दिन में पूरी होगी। संभागीय परिवहन अधिकारी (आईटी) संजयनाथ झा ने बताया कि वाहन मालिकों को पहले चार दिन नीलामी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दिया जाएगा। इसके बाद तीन दिन वाहन मालिक बोली लगाएंगे। विभागीय वेबसाइट पर किसने कितनी बोली लगाई है उसको देखा जा सकेगा। 7वें दिन शाम 6 बजकर 30 सेकंड पर सबसे ऊंची बोली लगाने वाले को वीआईपी नंबर आवंटित कर दिया जाएगा।
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ऊंची बोली लगाने वाला अगर सात दिन में आवंटित वाहन नंबर की कीमत नहीं चुकाता तो उसकी जमानत राशि जब्त हो जाएगी और नंबर दूसरे नंबर की ऊंची बोली लगाने वाले को दे दिया जाएगा। अगर वाहन मालिक आवंटित वीआईपी नंबर 15 दिन में नहीं लेता है तो उसकी भी जमानत राशि जब्त होगी। इसके बाद तीसरी नंबर की ऊंची बोली लगाने वालों को यह नंबर आवंटित होगा। अगर वह इस लेने का इच्छुक नहीं है तो उसकी जमानत राशि जब्त नहीं होगी।
1 से 9 और 786 नंबरों की ज्यादा डिमांड
नीलामी में सबसे ऊंची बोली वाले वाहन नंबर एक से नौ और 786 होंगे। लखनऊ के एआरटीओ (प्रशासन) राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राजधानी में एक से नौ और 786 नंबर की डिमांड है। इनकी नीलामी एक लाख रुपये तक हो सकती है।
वीआईपी नंबर की न्यूनतम कीमत वर्ग कीमत जमानत राशि
अति महत्वपूर्ण 15,000 5000
अति आकर्षक 7500 2500
महत्वपूर्ण 6000 2000
आकर्षक 3000 1000