परिवहन विभाग के वीआईपी नंबर की ऑनलाइन नीलामी पूरे प्रदेश में ठप है। इससे नवरात्र में नई गाड़ी खरीदने वाले वीआईपी नंबर के शौकीन बेचैन हैं। यह संकट वीआईपी नंबरों के पंजीयन शुल्क की बढ़ी दरें सॉफ्टवेयर पर अपलोड न होने से उत्पन्न हुआ है।
दरअसल, गाड़ी खरीदने से पहले ऑनलाइन नीलामी से वीआईपी नंबर लेना होता है। सॉफ्टवेयर अपडेट न होने से हफ्ते भर से वाहनों का पंजीकरण भी प्रभावित था। हालांकि लखनऊ आरटीओ एवं एआरटीओ कार्यालय में अलग-अलग वाहन नंबर की नई सीरीज के वीआईपी नंबरों को अलग करके नए वाहनों का पंजीकरण शुरू हो गया है।
लखनऊ संभाग के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संजय कुमार तिवारी के मुताबिक आरटीओ कार्यालय की नई सीरीज यूपी 32 केजेड एवं एआरटीओ कार्यालय ट्रांस गोमती की नई सीरीज यूपी 32 केवाई शुरू हो चुकी है। दोनों सीरीज के 347-347 वीआईपी नंबराें की नीलामी प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इससे इन नंबरों को आरक्षित कर दिया गया है।