फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: एकेटीयू में टैबलेट से लगेगी हाजिरी, नहीं हो सकेगी गड़बड़ी; परीक्षा में सुधार को एआई का होगा प्रयोग

Sun, 31 May 2026 09:11 AM IST
Bhupendra Singh अक्षय कुमार, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

एकेटीयू में हाजिरी टैबलेट से लगेगी। इससे गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। परीक्षा में सुधार के लिए एआई का प्रयोग होगा। वहीं विद्यार्थियों की हाजिरी की ऑनलाइन मॉनीटरिंग हो सकेगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
एकेटीयू - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) अपनी परीक्षा व्यवस्था को और दुरुस्त करने के लिए आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का प्रयोग करेगा। इसके तहत अब परीक्षा केंद्र पर टैबलेट से छात्र-छात्राओं की हाजिरी लगेगी। इससे गड़बड़ियों पर रोक तो लगेगी ही वहीं अगर कोई भी विद्यार्थी प्रवेश पत्र नहीं लेकर आया है तो भी वह परीक्षा से रोका नहीं जाएगा।
विज्ञापन


पिछले दिनों नोएडा के एक केंद्र पर क्रिडेंशियल के दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद एकेटीयू ने परीक्षा में एआई के प्रयोग का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने अपने यहां सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज (कैस) में एमटेक द्वितीय सेमेस्टर में इसका प्रयोग शुरू किया है।

मैचिंग एआई टूल के माध्यम से की जा रही

कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि इसके तहत परीक्षा कक्ष में प्रत्येक विद्यार्थी की हाजिरी टैबलेट के माध्यम से कराई जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत टैबलेट में विद्यार्थी के प्रवेश पत्र का पूरा डाटा पहले से अपलोड होता है, ऐसे में जैसे ही हाजिरी लगाई जाती है, डाटा मैच हो जाता है। यह मैचिंग एआई टूल के माध्यम से की जा रही है। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है।

उन्होंने कहा कि अब इस प्रणाली के माध्यम से किसी छात्र की जगह कोई और परीक्षा नहीं दे सकेगा। अगर छात्र की फोटो नहीं मिलेगी तो तुरंत इसकी जानकारी संबंधित परीक्षक को मिल जाएगी। वहीं छात्रों की उपस्थिति का डाटा तुरंत ऑनलाइन विश्वविद्यालय प्रशासन को मिल जाएगा। वह तुरंत इसकी मॉनीटरिंग कर सकेगा। इतना ही नहीं अगर छात्र किसी वजह से अपना प्रवेश पत्र भूल भी गया है तो उसे परीक्षा से रोका नहीं जाएगा।

शुरुआत एमटेक परीक्षा से की जा रही

इस डाटा से मिलान करके उसे परीक्षा में शामिल किया जाएगा। अभी तक परीक्षा में बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था है। प्रो. पांडेय ने कहा कि आगे छात्र कभी भी चेक कर सकेगा कि उसकी हाजिरी लगी है या नहीं। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत एमटेक परीक्षा से की जा रही है। इसका ट्रायल सफल होने पर हम इसे बीटेक की परीक्षा व अगले सत्र से पूरी परीक्षा में इसका प्रयोग करेंगे।

कॉपियों में पेज संख्या कम करने की प्रक्रिया शुरू

विश्वविद्यालय के एसोसिएट डीन इनोवेशन डॉ. अनुज कुमार शर्मा ने बताया कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर परीक्षा में कॉपियों के पेज कम करने की पायलट शुरुआत एमटेक परीक्षा से कर रहे हैं। इसके तहत कॉपियों के पेज 32 से 24 किए गए हैं। आठ पेज की सप्लीमेंट्री कॉपी दे रहे हैं। आगे इसे और कम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगे चलकर हम टैबलेट में छात्रों की परीक्षा लेंगे। इसका ट्रायल भी जल्द शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें