पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच खुफिया एजेंसियां रक्षा प्रतिष्ठानों और आयुध निर्माण इकाइयों में सेंधमारी की साजिश को विफल करने में जुटी हैं। आतंकी संगठनों के स्लीपिंग माड्यूल्स के साथ हनी ट्रैप की साजिश से बचने के लिए एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई देश भर के ऐसे सैन्य प्रतिष्ठानों की गोपनीय जानकारी जुटाने के लिए हनी ट्रैप का सहारा ले रही है। दरअसल, अधिकारियों का मानना है कि भले ही सीमा पर शांति है। लेकिन, आईएसआई अपने मंसूबे पूरे करने के लिए सैन्य प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को हनी ट्रैप के जरिए शिकार बना सकती है। यह तरीका कम खतरनाक होने के साथ ज्यादा खर्चीला भी नहीं है।
ये भी पढ़े- यूपी: प्रदेश से कश्मीर जाने वाले पर्यटकों में 57 फीसदी की गिरावट, पहलगाम घटना के बाद लगातार गिरा कारोबार
बीते दिनों केंद्रीय खुफिया एजेंसी की मदद से यूपी एटीएस ने आयुष प्रतिष्ठान से जुड़े तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था, जो हनी ट्रैप का शिकार बनकर गोपनीय सूचनाएं साझा कर रहे थे। इसके दृष्टिगत प्रदेश के सभी सैन्य प्रतिष्ठानों, कैंटोनमेंट एरिया पर पैनी नजर रखी जा रही है।
ये भी पढ़े- जम्मू से लौट रही ट्रेनों का हाल: ठसाठस भरे कोच, बाथरूम तक में लोग; स्टेशन आने पर खिड़कियों से आ-जा रही हैं सवारियां
वहीं, किसी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों की निगरानी भी बढ़ाई गई है। खासकर नेपाल सीमा पर आवाजाही करने वाले हर व्यक्ति की चेकिंग हो रही है। उनके नागरिकता के दस्तावेजों के दस्तावेजों की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।