बीबीडी यूनिवर्सिटी के चांसलर से 21 लाख की ठगी की कोशिश
लखनऊ। बीबीडी यूनिवर्सिटी के प्रो. चांसलर व विराज कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. के मालिक विराज सागर दास से साइबर ठग ने 21 लाख की ठगी का प्रयास किया। पीड़ित को इसकी जानकारी बैंक मैनेजर के कॉल करने पर हुई। कंपनी में तैनात कर्मचारी अमित जैन ने बीबीडी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अमित जैन विराज कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. फर्म में सहायक के पद पर तैनात हैं। फर्म का खाता पंजाब नेशनल बैंक की अशोक मार्ग शाखा में है। तीन फरवरी को बैंक मैनेजर के व्हाट्सएप पर एक पत्र आया था। इसमें 21 लाख रुपये किसी नारायण सोनर के खाते में ट्रांसफर करने की बात लिखी थी। पत्र पर विराज दास का नाम, उनका फर्जी मोबाइल नं, कंपनी की फर्जी मुहर व फर्म के निदेशक आरके अग्रवाल के फर्जी हस्ताक्षर भी थे। कंपनी का ब्रांड व लोगो भी लगा हुआ था।
व्हाट्सएप प्रोफाइल पर लगी थी चांसलर की फोटो
अमित के मुताबिक जिस नंबर से बैंक मैनेजर को मैसेज भेजा गया था, उस व्हाट्सएप प्रोफाइल में विराज सागर की फोटो लगी थी। पत्र में मोबाइल नंबर भी विराज दास के बीबीडी बिजनेस अकाउंट व बीबीडी ग्रुप के कांटेक्ट कार्ड के रूप में प्रदर्शित हो रहा था।
यूनिवर्सिटी के लैंडलाइन पर की कॉल
अमित के मुताबिक जालसाज ने यूनिवर्सिटी के लैंडलाइन पर भी कॉल की थी। उसने खुद को विराज दास बताते हुए यूनिवर्सिटी के बैंक खाते के विषय में भी पूछताछ की थी। इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह के मुताबिक जालसाजी में इस्तेमाल हुए दोनों मोबाइल नंबर साइबर सेल भेजे गए हैं।