सरयू एक्सप्रेस में महिला मुख्य आरक्षी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने अपनी जांच और तेज कर दी है। स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार ने कहा है कि इस बाबत तकनीकी इनपुट का सहारा लिया जा रहा है ताकि हमलावरों की सही पहचान हो सके। उधर, होश में आई यह महिला कांस्टेबल अब धीरे धीरे बात कर रही है।
दरअसल, मनकापुर से अयोध्या होकर प्रयागराज जाने वाली सरयू एक्सप्रेस में पिछले बुधवार की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में एक महिला मुख्य आरक्षी गंभीर रूप से घायल पाई गई थी। उसके शरीर पर धारदार हथियार से वार किए जाने के निशान थे और अर्धनग्न अवस्था में थीं। आशंका जताई जा रही थी कि उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या करने का प्रयास किया गया है। हालांकि फोरेंसिक जांच में यौन शोषण की पुष्टि नहीं हुई थी। महिला का लखनऊ ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। इस प्रकरण में उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया। रविवार को रात आठ बजे मुख्य न्यायाधीश के आवास पर अदालत लगाई गई।
इस प्रकरण में मंगलवार को स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि महिला कांस्टेबल के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। अब वह धीरे धीरे बोल भी रही हैं। चोट अधिक लग जाने के कारण पूरी तरह से बातचीत नहीं कर पा रही हैं। राज्य सरकार की तरफ से उन्हें अच्छी से अच्छी सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल भेजे गए हैं। मानीय उच्च न्यायालय ने जो भी निर्देश दिए हैं उसका शत प्रतिशत अनुपालन कराया जा रहा है। अन्य सूक्ष्य फोरेंसिक एवीडेंस का कलेक्शन किया जा रहा है। साथ ही तकनीकी इनपुट का सहारा लिया जा रहा है ताकि हमलावरों की सही पहचान हो सके। आज रेलवे विभाग के सभी अधिकारियों ने सीन री-क्रिएशन की कार्रवाई की। जल्द ही सही अभियुक्तों का पता कर केस का खुलासा किया जाएगा।