लखनऊ में विकास दूबे के भाई के घर कुर्की करने पहुंची पुलिस
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बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के भाई दीपक दुबे उर्फ दीपू की संपत्ति शुक्रवार को पुलिस ने कुर्क कर दी। एडीसीपी मध्य के नेतृत्व में करीब चार घंटे तक कार्यवाही चली। इस दौरान करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस ने यह कार्यवाही कोर्ट के आदेश पर किया। कृष्णानगर थाने में विकास दुबे व दीपक दुबे उर्फ दीपू के खिलाफ जालसाजी व कूट रचित दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा जुलाई में दर्ज हुआ था। इस मामले में दीपक दुबे लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट लिया लेकिन इसके बाद भी हाजिर नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश कोर्ट से हासिल कर कार्यवाही शुरू कर दी।
एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक कृष्णानगर थानाक्षेत्र के इंद्रलोक कालोनी में रहने वाले दीपक दुबे और उसके भाई विकास दुबे पर जुलाई में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें दीपक दुबे फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया। उसके खिलाफ कोर्ट से कई बार गैर जमानती वारंट भी जारी कराया गया। लेकिन न तो पुलिस की गिरफ्त में आया और न ही कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित किया और इनाम घोषित किया। पुलिस का यह भी प्रयास बेकार साबित हुआ। पुलिस ने कुछ दिन पहले उसके खिलाफ हाजिर न होने पर संपत्ति कुर्क करने का नोटिस भी जारी कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पुलिस ने शुक्रवार को संपत्ति कुर्क करने का आदेश हासिल कर उनके घर पहुंच गई।
एक करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
एडीसीपी मध्य शुक्रवार दोपहर को एसीपी कृष्णानगर हरीश सिंह भदौरिया, इंस्पेक्टर कृष्णानगर महेश दुबे सहित भारी संख्या में पुलिस टीम लेकर पहुंचे। दोपहर करीब दो बजे परिवारीजनों को कोर्ट के आदेश को पढ़कर सुनाया गया। इसके बाद कार्यवाही शुरू की गई। पुलिस ने इस दौरान 4 घंटे के अंदर घर के सारे सामान जब्त कर लिया। वहीं मकान पर भी पुलिस का सील लगा दिया गया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक दीपक दुबे की करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। जिसमें मकान व जमीन भी शामिल हैं।