डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव का कहना है कि केस दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है। दो टीमें ईमेल भेजने वाले का सुराग लगा रही हैं। अन्य एजेंसियां भी मामले की पड़ताल में जुटी हैं। भेजे गए ईमेल में तमिलनाडू के अलावा महाराष्ट्र का भी जिक्र है। ऐसे में आशंका है कि किसी गिरोह ने साजिश के तहत सनसनी फैलाने की कोशिश की थी। इससे पहले भी कई बार अलग-अलग स्थानों, स्कूलों व सार्वजनिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे मेसेज भेजे गए थे। हालांकि, बाद में सारे अफवाह निकले। सर्विलांस की टीम भी मामले की छानबीन कर रही है।
उल्लेखनीय है कि धमकी भरा मेसेज जिला जज को ईमेल से भेजा गया था। मेसेज मिलने के बाद फौरन कचहरी को खाली करा लिया गया था। बम निरोधक दस्ते ने कचहरी में छानबीन की। हालांकि, वहां कोई बम नहीं मिला था। धमकी भेजने वाले ने लिखा था कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दोपहर दो बजे कचहरी में धमाका किया जाएगा। अगर बचा सकते हो तो बचा लो। इस मामले में कोर्ट नाजिर ने वजीरगंज थाने में ईमेल भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।