यूपी में दहशत फैलाने की साजिश पंजाब के जालंधर में रची गई थी। इसके लिए फंडिंग भी कर दी गई थी। यह खुलासा किया है रिमांड पर लिए गए संदिग्ध आतंकी एहतेशाम ने।
उसने एटीएस को पूछताछ में बताया है कि 26 फरवरी को पंजाब के जालंधर में ग्रुप तैयार करने के लिए मीटिंग हुई थी। इसमें जालंधर से पकड़े गए गाजी बाबा के साथ ही उमर उर्फ निजाम, मुफ्ती उर्फ फैजान और एहतेशाम समेत पांच लोग शामिल थे।
मीटिंग में आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए पैसों की व्यवस्था, हथियार व बारूद की खरीद और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई थी। रणनीति बनाने के बाद पैसों का इंतजाम एहतेशाम ने किया और 40 हजार रुपये मुंबई में बैठे उमर उर्फ निजाम को भेजे।
पैसे मिलने के बाद से ही ये युवक बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए साजिश रचने लगे, लेकिन वे जगह और समय तय नहीं कर पा रहे थे। इसी दौरान ये सभी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गए और इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
कई राज्यों में छापेमारी कर दस युवकों को पकड़ा
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गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को एटीएस की टीम ने कई राज्यों में छापेमारी कर दस युवकों को पकड़ा था।
छह युवकों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था जबकि मुंबई, जालंधर, बिजनौर और नरकटियागंज से चार युवकों को गिरफ्तार किया था।
इनमें मुंबई से उमर उर्फ निजाम, जालंधर से गाजी बाबा, बिजनौर से फैजान उर्फ मुफ्ती और नरकटियागंज (बिहार) से एहतेशाम शामिल थे।
फैजान और एहतेशाम आठ दिन के रिमांड पर एटीएस के हवाले
एटीएस की विशेष अदालत ने शनिवार को मुफ्ती उर्फ फैजान व एहतेशाम को आठ दिन के कस्टडी रिमांड पर एटीएस के हवाले कर दिया।
एटीएस के विवेचक शेषमणि उपाध्याय ने रिमांड की अर्जी देकर कोर्ट में बताया कि आरोपियों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने केलिए हथियार एकत्र किए तथा धन की व्यवस्था की।
आरोपियों से भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए की गई उनकी तैयारियों के बारे में पूछताछ के साथ ही उन्हें बिजनौर व बिहार समेत अन्य राज्यों में ले जाकर उनसे जानकारी एकत्र की जानी है।
दूसरे पक्ष ने इसका विरोध नहीं किया जिसके बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आठ दिन के रिमांड पर देने का फैसला सुना दिया।