महत्वपूर्ण पदों पर काबिज यूपी के वरिष्ठ आईएएस अफसर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश मानने को भी तैयार नहीं हैं। दो बार मौका देने के बावजूद 140 आईएएस अफसरों ने सरकार को अपनी चल संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है।
अफसरों के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने इन अफसरों को 25 अप्रैल तक हर हाल में सूचना उपलब्ध कराने की हिदायत दी है।
जिन अफसरों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है, उनमें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अनुज कुमार विश्नोई, अनिल स्वरूप, राजीव कुमार-प्रथम, देवेंद्र चौधरी, जेएस दीपक, नीरज कुमार गुप्ता, दुर्गाशंकर मिश्र, अनंत कुमार सिंह और प्रदेश में कार्यरत आलोक सिन्हा, अवनीश कुमार अवस्थी, राजन शुक्ल, टी. वेंकटेश, मनोज कुमार सिंह जैसे आला अफसर शामिल हैं।
कई महिला अफसरों ने भी नहीं दिया ब्यौरा
शालिनी प्रसाद, डा. अनीता भटनागर जैन, लीला नंदन, एस.राधा चौहान, कल्पना अवस्थी, अर्चना अग्रवाल, नीना शर्मा, अपर्णा यू, अनामिका सिंह, किंजल सिंह, दुर्गाशक्ति नागपाल आदि।
ये अफसर भी नहीं दे पाए ब्यौरा
उमेश सिन्हा, प्रभात कुमार सांरगी, अरुण सिंघल, अमृत अभिजात, मोहम्मद मुस्तफा, आमोद कुमार, राजीव अग्रवाल,सत्येंद्र सिंह, राजीव रौतेला, अभिषेक सिंह-प्रथम, संजय आर. भूसरेड्डी, सुधीर एम बोबडे, सौरभ बाबू, ओम नारायण सिंह, विकास गोठलवाल, अजय शंकर पांडेय, डा. हृषिकेश भास्कर यशोद,अभय,नवीन कुमार जीएस. जैसे अफसर शामिल हैं।
इन्होंने राज्य या केंद्र किसी को नहीं दी जानकारी
हरिराज किशोर, पीके महांति, जितेंद्र कुमार, डा. हरिओम, अशोक कुमार-तृतीय, राजीव रौतेला, सुदेश कुमार ओझा, वीरेश्वर सिंह, अरुण कुमार मिश्र, यशवंत राव, अनीता श्रीवास्तव, महेंद्र कमार, अभय, उदयवीर सिंह यादव, एस. मथु शालिनी आदि।
अचल संपत्ति भी बताने से काट रहे कन्नी
केंद्र सरकार ने एक जनवरी 2016 की स्थिति के अनुसार आईएएस अधिकारियों से अचल संपत्ति का ब्यौरा मांगा था। इसकी समय सीमा भी बीत गई। 37 आईएएस अधिकारियों ने अभी भी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है। यह ब्यौरा केंद्र व राज्य, दोनों सरकारों को देना था। मुख्य सचिव ने इस पर नाराजगी जताई है और इन अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। 25 अप्रैल तक इन्हें भी सूचना देना का अवसर दिया गया है।
24 मार्च को जारी किए गए थे निर्देश
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजकाज संभालने के बाद आईएएस अफसरों को चल संपत्ति का ब्यौरा देने का निर्देश दिया था। मुख्य सचिव ने 24 मार्च को निर्देश जारी कर अफसरों को छह अप्रैल तक सूचना देने को कहा गया था।
अफसरों ने वित्तीय वर्ष की व्यस्तता का हवाला दिया तो सरकार ने संपत्ति का ब्यौरा देने की समय सीमा 15 अप्रैल तक बढ़ा दी। यह समय सीमा भी बात गई, बड़ी संख्या में अधिकारियों ने संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया। मुख्य सचिव ने 21 अप्रैल को सूचना देने वाली अधिकारियों की रिपोर्ट तलब की तो पता चला कि अभी 140 आईएएस अधिकारियों ने ब्यौरा नहीं दिया है।
पीसीएस अफसरों को भी 25 तक मौका
शासन ने पीसीएस अधिकारियों से चल व अचल संपत्ति का ब्यौरा एक साथ मांगा था। बड़ी संख्या में पीसीएस अधिकारियों ने भी सूचना नहीं दी है। मुख्य सचिव ने इन अफसरों केरवैये पर भी सख्त नाराजगी जताई है और 25 अप्रैल तक हर हाल में चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा देने को कहा है।