अटल
का अंगवस्त्र लखनऊ में मुद्दा बनता जा रहा है। दूसरे दल मानने को तैयार ही
नहीं कि ऐसे वस्त्र को ओढ़कर अटल ने कभी नामांकन किया हो अथवा भाषण दिया
हो।
भाजपा नेता कह रहे हैं कि विपक्षियों को इसकी इतनी ज्यादा चिंता क्यों
हो रही है। यह हमारे आंगन की बात है जिसमें दूसरों का क्या काम।
पर, लोग
हैं कि मानने को तैयार नहीं। अंगवस्त्र को फेसबुक पर भी फैला दिया।
लिखा है
कि अटल जी बीमार और चलने-फिरने में कमजोर क्या हुए, उनके एक करीबी ही उनका
एक-एक सामान पार करने में लग गए।
कभी खड़ाऊं उठा लाए तो कभी कुर्ता और अब
उनका अंगवस्त्र। इनसे प्रार्थना की जाए, ‘यार! कम से कम अब तो अटल पर रहम
करो। वोट दिलाने को अटल का नाम ही काफी है। अब उनका सामान तो न छीनो।’