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हैल्दी रहना है तो इस मौसम में इन बातों का रखें खास ध्यान...

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सुबह और रात की सर्द हवा सांस के रोग से पीड़ित मरीजों के लिए जान की दुश्मन बन सकती है। सिविल अस्पताल के ईएमओ डॉ. अनिल कुमार बताते हैं कि सुबह सैर-सपाटे या अन्य किसी काम से बाहर निकलें तो हल्के गर्म कपड़े जरूर पहनें।
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सर्द हवा शरीर में घुसी तो सेहत खराब कर सकती है। रात को निकलते वक्त भी ध्यान रखना जरूरी है। बाइक से चल रहे हैं तो शरीर को इतना ढक कर रखें जिससे सर्द हवा सीधे सीने में न लगे।

डॉ. अनिल कुमार बताते हैं कि हल्की ठंड वाले मौसम में सर्द हवा के साथ प्रदूषित कण रेसप्रेरिव जोन में आ जाते हैं। खुले में टहलने पर ये प्रदूषित कण सांस के सहारे भीतर जाते हैं और उससे सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके अलावा बहुत अधिक बंद कमरे या ठंडे कमरे में बैठने या सोने के बाद खुली हवा में जाने से चेस्ट इंफैक्शन हो जाता है।
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बंद कमरे में अधिक लोग जब एक साथ बैठते हैं उससे भी सांस लेना मुश्किल होता है इसलिए कमरे में वेंटिलेशन का पूरा ध्यान रखना चाहिए। ठंड में बैक्टिरियल इंफैक्शन होने से भी सांस के रोगियों को अस्थमा अटैक पड़ सकता है। रात को ड्राइव करते वक्त अच्छे से कपड़े पहनें क्योंकि तेज हवा सीने पर पड़ने से संक्रमण का खतरा रहता है।

डॉ. अनिल कुमार बताते हैं कि सांस के रोगी निरंतर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी में रोजाना पांच से सात मरीज पहुंच रहे हैं जिनको ऑक्सीजन सपोर्ट देनी पड़ रही है। यही हाल बलरामपुर व लोहिया अस्पताल का है जहां सांस के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है।
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इनहेलर से नुकसान नहीं

सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष दुबे का कहना है कि इनहेलर से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है। वे कहते हैं कि लोगों में भ्रांतियां हैं कि इनहेलर अंतिम इलाज है। जबकि ऐसा नहीं है।

इनहेलर सांस के रोगियों का शुरूआती इलाज है और दवा की तुलना में शरीर पर इसका कोई नुकसान नहीं होता है। जो लोग स्टेरॉयड इनहेलर का इस्तेमाल करते हैं उनको इनहेलर लेने के बाद मुंह साफ करने के लिए कुल्ला ध्यान से कर लेना चाहिए। मरीज को इनहेलर लेने का सही तरीका अपने डॉक्टर से जरूर जान लेना चाहिए।

इन लक्षणों को पहचानें
- सांस लेने में दिक्कत होना
- घबराहट व सांस तेज चलना
- सोते वक्त उलझन महसूस होना
- बहुत अधिक खांसी होना
- सीने में हल्का दर्द होना

इसका ध्यान रखें
- पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें
- दवा का नियमित सेवन करते रहें
- इनहेलर लेने वाले इनहेलर साथ रखें
- खुली हवा में निकलने से बचें

खानपान का रखें विशेष ध्यान
- हरी साग सब्जी का सेवन अधिक करें
- तिल, गुड़, सोंठ फायदेमंद है
- घी-तेल के सेवन से परहेज करें
- आइसक्रीम और ठंडी चीजें खाने से बचें
- मसालेदार और तली भूनी चीजों से बचें
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