लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई ने प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के दो-दो पदों को डाउनग्रेड कर दिया है। अब इनके स्थान पर असिस्टेंट प्रोफेसर स्तर के चार डाॅक्टर भर्ती किए जाएंगे। पीजीआई को सीनियर डाॅक्टर न मिलने से ये पद खाली पड़े हुए हैं। डाउनग्रेड करने से इन पर भर्ती करना आसान होगा।
सरकारी संस्थानों में वरिष्ठ डॉक्टरों को रोक पाना मुश्किल हो रहा है। सीनियर फैकल्टी के पद भरने में समस्या हो रही है। इसकी वजह से उनके पदों को डाउनग्रेड करना पड़ रहा है। इसके तहत अब पीजीआई ने कार्डियोलाॅजी विभाग के चार पद डाउनग्रेड किए हैं। एसजीपीजीआई के साथ ही अन्य चिकित्सीय संस्थान में पिछले काफी समय से डॉक्टरों के नौकरी छोड़कर निजी अस्पताल में जाने के मामले देखे जा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह इन अस्पतालों में मिलने वाला मोटा पैकेज और सरकारी संस्थानों में होने वाले काम के दबाव को माना जा रहा है।
पहले भी डाउनग्रेड हुए हैं पद
पीजीआई में इससे पहले क्लीनिकल इम्यूनोलॉजी एंड रेहेमेटोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर स्तर के एक-एक पद को असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में, यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर स्तर के एक-एक पद को असिस्टेंट प्रोफेसर, इंडोक्राइनोलॉजी विभाग में प्रोफेसर के एक पद को असिस्टेंट प्रोफेसर तथा हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में भी एडिशनल प्रोफेसर स्तर के एक शिक्षक को असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में डाउनग्रेड किया जा चुका है।