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Lucknow News: निजी कंपनी के सहायक प्रबंधक और वरिष्ठ कार्यकारी पर 4.73 करोड़ के गबन का आरोप

Sun, 05 Apr 2026 02:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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लखनऊ। विभूतिखंड स्थित सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स कंपनी में 4.73 करोड़ के गबन का मामला सामने आया है। सहायक प्रबंधक पीयूष चतुर्वेदी ने सहायक प्रबंधक लेखा वित्त एवं लेखा विभाग और वरिष्ठ कार्यकारी पर आरोप लगाए हैं। डीसीपी पूर्वी के आदेश पर विभूतिखंड पुलिस ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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पीयूष चतुर्वेदी ने बताया कि वरुण अस्थाना 7 अगस्त 2014 से और अनिल कुमार 1 मई 2017 से कंपनी में कार्यरत थे। वर्षों के भरोसे के कारण उन्हें महत्वपूर्ण वित्तीय व प्रशासनिक दायित्व सौंपे गए थे। 4 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2025-2026 के संबंध में आंतरिक निरीक्षण हुआ। इसमें पता चला कि विक्रेताओं और किसानों को किए जाने वाले भुगतानों की धनराशि किसी और के खाते में जा रही थी। गहन जांच में अनेक लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। टीम ने वरुण और अनिल से स्पष्टीकरण मांगने की तैयारी की। वरुण 7 फरवरी 2026 से छुट्टी पर चले गए। अनिल से गबन के बारे में पूछने पर वह भी 10 फरवरी 2026 से छुट्टी पर चले गए।
390 विक्रेता के खातों से परिवहन शुल्क का हिस्सा हड़पा
11 फरवरी 2026 को दोनों आरोपी कंपनी के प्रबंध निदेशक के आवास पर पहुंचे। उन्होंने 2019 से गबन करने की बात स्वीकार की। अनिल ने 2.5 करोड़ रुपये और वरुण ने 2 करोड़ रुपये का गबन किया। यह रकम कंपनी के 390 विक्रेताओं के खातों से परिवहन शुल्क का लगभग 0.4 फीसदी हिस्सा थी।
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किसान के नाम के आगे दर्ज करवाए थे अपने अकाउंट नंबर
सहायक प्रबंधक के अनुसा, कंपनी करीब चार हजार किसानों को नियमित भुगतान करती है। जांच में पाया गया कि लेखा विभाग के दस्तावेज में 15 किसानों के नाम के आगे आरोपियों के खाता संख्या दर्ज थे। रकम न मिलने पर किसान शिकायत करते तो आरोपी उन्हें बहाना बताकर शांत करा देते थे। इंस्पेक्टर विभूतिखंड अमर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला सही पाया गया है। पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।
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