विधानसभा उपाध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध हो पाने के आसार कम नजर आ रहे हैं। सपा ने सीतापुर के महमूदाबाद से विधायक नरेंद्र सिंह वर्मा को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। वहीं, भाजपा से इस पद के लिए सपा के बागी नितिन अग्रवाल का नाम चर्चा में है। ऐसे में उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव होना लगभग तय है। 17वीं विधानसभा के उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन रविवार को दोपहर 11 से एक बजे के बीच होगा। इस संबंध में विस प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने आदेश जारी कर दिया है। चुनाव 18 अक्तूबर को होगा।
विधानसभा में उपाध्यक्ष आमतौर पर विपक्ष का रहता है। लेकिन, भाजपा ने नितिन अग्रवाल को उतारने की तैयारी की तो सपा ने भी संख्या बल कम होने के बावजूद नरेंद्र को उम्मीदवार बना दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार दोपहर दो बजे पार्टी के सभी विधायकों की बैठक बुलाई है। इसमें विस उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।
विधानसभा उपाध्यक्ष का चुनाव गुप्त मतदान से किए जाने का प्रावधान है। उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के अनुसार, नियत तिथि के पूर्व दिन के मध्यान्ह से पहले किसी समय कोई सदस्य निर्वाचन के लिए दूसरे सदस्य का नाम-निर्देशन पत्र प्रमुख सचिव को देगा, जिस पर प्रस्तावक के रूप में उस सदस्य के हस्ताक्षर होंगे। साथ ही समर्थक के रूप में किसी तीसरे सदस्य के हस्ताक्षर होंगे।
उपाध्यक्ष पद केलिए जिसका नाम प्रस्तावित किया गया होगा, वह सदस्य भी लिखकर देगा कि निर्वाचित होने पर वह उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करने के लिए तैयार है। निर्वाचन के पूर्व किसी भी समय कोई भी अभ्यर्थी मौखिक या लिखित रूप से सूचना देकर अपना नाम वापस ले सकेगा। उपाध्यक्ष पद केलिए एक से अधिक सदस्य का नामांकन होने पर प्रत्येक सदस्य पर मतदान शलाका (गुप्त मतदान या बैलट) के माध्यम से किया जाएगा।