लखनऊ। शब-ए-बरात पर बृहस्पतिवार को अल्लाह के बंदों ने सालभर में हुए गुनाहों की माफी के लिए सच्चे दिल से तौबा कर अपनी व बुजुर्गों की मगफिरत के लिए दुआ मांगी। रब को राजी करने के लिए रातभर इबादत में लगे रहे। साथ ही कब्रिस्तान पर जाकर दुनिया से रुखसत हो चुके पुरखों को पुरसा दिया।
उधर, शिया समुदाय ने आधी रात के बाद बारहवें इमाम हजरत इमाम मेहंदी की यौमे पैदाइश का जश्न मनाया। विलादत की खुशी में कर्बला, इमामबाड़ों और घरों महफिलों एवं नज्र का आयोजन किया गया।
इबादतगाहों और मस्जिदों में पूरी रात कुरान की तिलावत और नफिल नमाज का दौर चला। लोगों ने ऐशबाग कब्रिस्तान, गढ़ी कनौरा स्थित तकिया मीरनशाह, डालीगंज, खदरा स्थित कब्रिस्तान, गोमतीनगर स्थित गंजशहीदा, निशातगंज, माल एवेन्यू स्थित दादा मियां दरगाह स्थित कब्रिस्तान, कर्बला मलका जहां, कर्बला तालकटोरा सहित शहरभर के कब्रिस्तानों में जाकर रोशनी की और कुरान की तिलावत की। शिया समुदाय ने बारहवें इमाम मेहंदी के यौमे पैदाइश का जश्न मनाया। कर्बला व इमामबाड़ों में नज्र दिलाने व चखने का सिलसिला चला। शहर के सभी कब्रिस्तान जाने के रास्तों को चाय, पानी और शर्बत की सबीलों से सजाया गया।
मेहंदी घाट पर सजा बजरा
हजरत इमाम मेहंदी की विलादत की खुशी में शब-ए-बरात की रात में मेहंदी घाट के पास गोमती में महकते फूलों के साथ बजरे को रोशनी से सजाया गया। बजरे की जियारत के लिए अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा। अंजुमन जहुर ए इमामत कमेटी की ओर से नावों को जोड़कर तैयार किए बजरे पर मौलाना हसन जहीर ने इमाम की नज्र दी। मौलाना कल्बे जव्वाद और मौलाना यासूब अब्बास सहित तमाम उलमा ने दुआ मांगी। देर रात बजरे पर सजी महफिल में शायरों ने इमाम की शान में कलाम पेश किए। गोमती में अरीजा डाल कर मन्नत मांगी।
जलसों, महफिलों का चला सिलसिला
ऐशबाग ईदगाह स्थित दारुल उलूम निजामिया फरंगी महल में मुजाहिरा किरात का आयोजन हुआ। जलसे को खिताब करते हुए ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी ने कहा, शब-ए-बरात रहमत व बरकत की रात है। मौलाना सुफियान निजामी और मौलाना मोहम्मद मुश्ताक ने शब-ए-बरात की फजीलत पर रोशनी डाली। शिया समुदाय के बारहवें इमाम हजरत इमाम मेहंदी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार की रात से ही महफिलों का आगाज हो गया। अंजुमन खुद्दामे कर्बला की ओर से ऐशबाग स्थित कर्बला मलका जहां में जश्ने वली-ए-अस्र का आयोजन किया गया। मौलाना मोहम्मद अब्बास तुराबी की अध्यक्षता में आयोजित महफिल में मौलाना यासूब अब्बास और मौलाना मीसम जैदी ने इमाम मेहंदी की फजीलत बयान की। शायरों ने बारगाहे-वली-ए-अस्र में अपने कलाम पेश किए। मौके पर समाजसेवी वफा अब्बास, अब्बास निगार, आलम और मुत्तकी जैदी को सम्मानित किया गया। हुसैनाबाद ट्रस्ट की ओर से खदरा मदेयगंज स्थित कर्बला मलका आफाक जश्ने मसर्रत का आयोजन किया। रौजा-ए-काजमैन में जश्ने इमामे जमाना मनाया गया।
दरगाह शाहमीना शाह में हुई सलातुत तस्बीह की नमाज
दरगाह मख्दूम शाहमीना शाह में जिंदगी में कम से कम एक बार पढ़ी जाने वाली सलातुत तस्बीह की विशेष नमाज जमात के साथ अदा की गई। मौलाना अंसार ने नमाज अदा कराई। दरगाह के सज्जादानशीन पीरजादा शेख राशिद अली मीनाई ने शब-ए-बरात की फजीलत पर रोशनी डाली।