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आशियाना रेपकांड के मुख्य आरोपी की जेल में हो रही है खातिर

Wed, 20 Apr 2016 06:19 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ

सार

  • बैरक में नहीं आई नींद तो ऑफिस खोलकर एसी में बैठाया
  • रात 12 बजे बैरक से निकलकर शिक्षा माफिया के साथ टहल रहा था गौरव
  • जेल अधिकारी आए तो की उलझन की शिकायत, डॉक्टर बुलाने से किया मना 
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पहली ही रात जेल में भारी गुजरी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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दस साल की सजा की पहली ही रात आशियाना कांड के मुख्य गुनाहगार गौरव शुक्ला पर भारी गुजरी। उसकी आंखों से नींद उड़ गई। जेल सूत्रों ने बताया कि कोरंटाइन बैरक में वह करवटें बदलता रहा।
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रात करीब 12 बजे उलझन होने लगी तो उठकर बैठ गया। शिक्षा माफिया भी जाग गया। जेल सूत्रों के मुताबिक गौरव को साथ लेकर शिक्षा माफिया कोरंटाइन क्यू 4 बैरक से बाहर मैदान में निकल आया और टहलने लगा। 

जानकारी पाकर जेल प्रशासन के अधिकारी मौके पर आ गए। गौरव की तबीयत के बारे में पूछा तो उसने कहा कि गर्मी की वजह से उलझन हो रही थी। अधिकारियों ने जेल अस्पताल के डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा तो गौरव ने मना कर दिया।
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उसने कहा कि थोड़ी देर खुली हवा में टहलने से मन ठीक हो जाएगा। हालांकि, गौरव पर मेहरबान जेल अधिकारी उसे एक ऑफिस में ले गए और एसी चलाकर बैठा दिया। 

रात करीब तीन बजे तक शिक्षा माफिया और गौरव शुक्ला ऑफिस में ही बैठे रहे। इस दौरान जेल के अधिकारी भी उनके पास रहे। तीन बजे दोनों बैरक लौटे। हालांकि, जेल अधिकारियों ने गौरव और शिक्षा माफिया को ऑफिस में एसी चलाकर बैठाने की बात से इन्कार किया है। 

हाइकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील की तैयारी

जुर्म के 11 साल बाद म‌िली सजा - फोटो : Amar Ujala
मंगलवार सुबह परिवारीजनों को गौरव की तबीयत गड़बड़ होने और रात की कहानी का पता चला तो वे जेल पहुंच गए। जेल सूत्रों ने बताया कि गौरव के परिवार के दो सदस्य दोपहर करीब साढ़े बारह बजे खाने-पीने का सामान व कपड़े आदि लेकर जेल आए। 

एक घंटा रुकने के बाद दोनों लौट आए। जेल सूत्रों का कहना है कि गौरव के चेहरे पर परेशानी साफ नजर आ रही है। उसका चेहरा देखकर परिवार के सदस्य भी परेशान हो गए। 

उन्होंने गौरव को समझाया। केस में कमियां गिनाते हुए कहा कि हाईकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील की तैयारी की जा रही है। वकीलों ने मजबूत लिखा-पढ़ी कर ली है। जल्द जमानत मिल जाएगी। परिवारीजनों के हिम्मत बंधाने के बाद गौरव की हालत कुछ सामान्य दिखी।

जेल प्रशासन गौरव शुक्ला के रसूख के आगे नतमस्तक दिख रहा है। गौरव कैदियों वाले कपड़े पहनने की जगह ब्रांडेड जींस और शर्ट पहन रहा है। गौरव से कोई काम कराने के बजाय जेल प्रशासन खुद ही उसकी ड्यूटी बजा रहा है।

हर वक्त दो सिपाही और चार लंबरदार उसके इशारे का इंतजार करते हैं। तपती दोपहरी में गौरव जेल के किसी ऑफिस के कमरे में एसी की ठंडी हवा खाता रहता है।
 
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जेल अधिकारियों को दी खास ख्याल रखने की हिदायत

अलग से की जा रही है लंच और ‌डिनर की व्यवस्था - फोटो : amar ujala
यह चर्चा सभी बंदी और स्टाफ के लोगों में है। जेल सूत्रों का कहना है कि गौरव रसूखदार और सत्ता के करीबी परिवार से जुड़ा है। कई बड़े नेता-विधायकों ने जेल अधिकारियों को फोन कर उसका खास खयाल रखने के निर्देश दिए हैं। उसके लिए अलग से लंच और डिनर बनवाया जा रहा है।

जेल के नियमों के मुताबिक दस साल की सजा वाले अपराधियों को मंडल जेल (वाराणसी) भेज दिया जाता है लेकिन गौरव को लखनऊ से शिफ्ट नहीं किया जा रहा है।

रेप पीड़िता के पिता का कहना है कि गौरव के लिए जेल के नियमों का भी मखौल उड़ाया जा रहा है। यहां उसे हर तरह की सुविधाएं प्राप्त हैं। परिवार के लोग और परिचित रोज जेल के दस चक्कर लगाते हैं।

उन्होंने गौरव को मंडल जेल में शिफ्ट करने की मांग की है।गौरव शुक्ला और उसके पिता के खिलाफ आशियाना थाना में दर्ज धोखाधड़ी की एफआईआर में कोई कार्रवाई न होने पर रेप पीड़िता के परिवारीजनों ने मंगलवार को डीजीपी जावीद अहमद से मुलाकात कर सुस्त विवेचना पर आपत्ति जताई। 

डीजीपी ने इस मामले में लोक शिकायत प्रकोष्ठ के एसपी से जानकारी ली। एसपी ने आशियाना एसओ को फोन कर विवेचना की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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