मेट्रो डिपो के लिए आसाराम के आश्रम की जमीन के अधिग्रहण की कवायद शुरू हो गई है। इस संबंध में दस दिन पहले ही घोषणा की गई थी। अब इसके लिए बाकायदा एक प्रस्ताव बनाया जा रहा है।
सरोजनीनगर स्थित आसाराम आश्रम की यह जमीन लखनऊ मेट्रो के मदर डिपो के लिए अधिग्रहीत किए जाने की योजना है। आश्रम के पास कुल करीब 25 बीघा जमीन हैं।
जिसमें से आधी भूमि को लेकर जिला प्रशासन और आश्रम संचालक के बीच कोर्ट में मामला लंबित है जबकि, बाकी भूमि निजी संपत्ति के तौर पर दर्ज है। इसी जमीन को मेट्रो के लिए मुआवजा देकर अधिग्रहीत किए जाने की योजना है।
मेट्रो डिपो के लिए यह मौके की जमीन है। दरअसल 32वीं वाहिनी पीएसी की भूमि पर ही मेट्रो का मदर डिपो बनना प्रस्तावित है। मगर इसके आगे सड़क और जरूरतों के लिए आश्रम की भूमि की आवश्यकता पड़ेगी।
आश्रम ठीक पीएसी से सटा हुआ है। इसलिए मदर डिपो के लिए इसका काफी महत्व है। इस पूरे क्षेत्र के टोपोग्रॉफिकल सर्वे (भूमि पर निर्माण और अन्य स्थानों की सेटेलाइट माध्यम से सर्वे) का टेंडर लखनऊ विकास प्राधिकरण ने कर दिया है।
इसके जरिए यहां की पूरी जानकारी मिल सकेगी। इस टेंडर के साथ ही अब अधिग्रहण की भी तैयारी हो रही है। मेट्रो सेल के अधिकारियों के मुताबिक, डिपो की जमीन से संबंधित मामला फाइनल होने के बाद आश्रम की जमीन को लेने की भी तैयारी की जा रही है।
दरअसल सबसे पहले डिपो का काम शुरू करना है। इसलिए आश्रम की भूमि की आवश्यकता सबसे पहले पड़ेगी।