फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अरुणिमा ने अंटार्कटिका की विंसन मैसिफ पर्वत चोटी पर फहराया तिरंगा

Thu, 03 Jan 2019 08:59 PM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
Arunima Sinha
विज्ञापन

पद्मश्री डॉ. अरुणिमा सिन्हा ने अंटार्कटिका की विंसन मैसिफ पर्वत की चोटी पर भारतीय ध्वज फहरा दिया। मौसम के प्रतिकूल रुख से जूझते हुए अरुणिमा ने यह महत्वपूर्ण मिशन पूरा करते ही अपनी खुशी सोशल साइट के माध्यम से साझा की। कहा कि 16 हजार फीट ऊंची पर्वट चोटी पर ऐसा करने वाली वह दुनिया की पहली दिव्यांग महिला बन चुकी हैं। अरुणिमा ने इसके साथ ही दुनिया की सात सर्वोच्च पर्वत चोटी फतह करने का बड़ा संकल्प पूरा कर लिया है। 

विज्ञापन


अकबरपुर की बेटी डॉ. अरुणिमा सिन्हा ने अपनी उपलब्धियों से एक बार फिर अंबेडकरनगर जनपद समेत पूरे देश का नाम रोशन किया है। दुनिया की सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा लहराने वाली अरुणिमा सिन्हा ने संकल्प लिया था कि वे सभी सात ऊंची पर्वत चोटियों को फतह करने का अभियान पूरा करेंगी।

आत्मकथा के विमोचन, पद्मश्री सम्मान तथा यश भारती पुरस्कार मिलने के साथ ही कई और महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बीच वे समय समय पर कई अन्य पर्वत चोटियों पर तिरंगा लहराने का काम करती रहीं।
विज्ञापन

 
गुरुवार को अरुणिमा ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी दी कि उन्होंने दुनिया की सातवीं सबसे ऊंची पर्वत चोटी अंटार्कटिका की विंसन मैसिफ पर तिरंगा लहराने की सफलता प्राप्त कर ली है।

गौरतलब है कि गत 12 अक्तूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें इस मिशन के लिए तिरंगा सौंपा था। अरुणिमा 13 दिसंबर की सुबह इस मिशन पर रवाना हुई थीं। अंटार्कटिका के पुंटा एरिनास पहुंचने के बाद ही अरुणिमा को प्रतिकूल मौसम का सामना करना पड़ा था।

उनका अभियान 18 दिसंबर को बेस कैंप से शुरू होना था, लेकिन भारी बर्फबारी व प्रतिकूल मौसम के चलते अभियान लगभग एक सप्ताह करीब प्रभावित हो गया। इसके बाद ही उन्होंने 16 हजार 50 फीट ऊंची पर्वत चोटी पर चढ़ने का अभियान शुरू किया। इतनी ऊंचाई वाली विंसन मैसिफ पर्वत चोटी पर तिरंगा लहराने की सफलता मिलने के बाद उन्होंने गुरुवार को अपने ट्वीटर एकाउंट से यह जानकारी देशवासियों को दी।

अरुणिमा ने बताया कि यह सफलता अर्जित करने वाली वह दुनिया की पहली दिव्यांग महिला बन गई हैं। इस बीच उनकी इस सफलता को लेकर जनपदवासियों ने खुशी का इजहार किया है। लोगों का कहना था कि उनके चलते ही जिले का नाम पूरे विश्व में रोशन हो रहा है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें