अरुण जेटली (फाइल फोटो)
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66 साल के जेटली को सांस लेने में दिक्कत और बेचैनी की शिकायत के बाद नौ अगस्त को एम्स लाया गया था। एम्स ने 10 अगस्त के बाद से जेटली के स्वास्थ्य पर कोई बुलेटिन जारी नहीं किया था। जेटली ने खराब स्वास्थ्य के चलते 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था।
जेटली जब अस्पताल में भर्ती थे तो उनसे मिलने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, भाजपा सांसद मेनका गांधी, असम के राज्यपाल प्रो जगदीश मुखी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी समेत कई बड़े नेता एम्स पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पूर्व वित्त मंत्री के निधन पर शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अरुण जेटली जी का जाना देश और समाज की ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसकी रिक्तता का अहसास हम लंबे समय तक करते रहेंगे।
ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को वे अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
उन्होंने कहा कि देश के प्रख्यात विधिवेत्ता एवं पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली जी के निधन की खबर से स्तब्ध हूं। जेटली जी छात्र जीवन में ही भाजपा से जुड़े, आपातकाल के ख़िलाफ़ आवाज मुखर की एवं आजीवन सकारात्मक राजनीति के साथ मां भारती की सेवा करते रहे।