राज्य ललित कला अकादमी के सचिव यशवंत सिंह राठौर ने बताया कि कला व संस्कृति के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश दूसरे प्रदेशों से उत्तम रहा है। यूपी की लोककला लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। उत्तर प्रदेश सरकार के नेतृत्व में जहां एक ओर कलाकारों की कला को उचित मंच मिला है तो वहीं कलाकारों को बढ़ावा भी मिल रहा है।
अभी तक आधुनिक चित्रकला व मूर्तिकला से जुड़े यूपी के पांच दृश्य कलाकारों को छात्रवृत्ति मिलती थी लेकिन नियमावली में संशोधन होने के बाद अब छह लोक कलाकारों को रिसर्च कार्यों से जोड़ कर एक साल तक छात्रवृत्ति दी जाएगी। इससे सांझी, बुदेंलखंडी समेत अन्य चित्रकलाओं को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य ललित कला अकादमी की ओर से दिसंबर 14 से 18 तक अयोध्या में कला शिविर का आयोजन किया जाएगा। कला रंग कार्यक्रम के तहत ‘क्या कहती है सरयू की धारा’ विषय पर प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 12 दिसंबर तक प्रदेश के कलाकारों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। अब तक इस शिविर के लिए 100 कलाकारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
अकादमी की ओर से आयोजित होने वाले कला शिविर का आयोजन लखनऊ व अयोध्या के बाद प्रयागराज, कानपुर, मथुरा और बनारस में भी किया जाएगा। अकादमी की ओर से स्व. अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिवस पर उनकी स्मृति में 24 व 25 दिसंबर को एक चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित कराई जाएगी और श्रीकृष्ण थीम पर मथुरा में एक चित्रकला प्रदर्शनी लगाई जाएगी।