लखनऊ। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से एक्स-रे की जांच और बेहतर बनाई जा सकती है। एआई से पता कर सकते हैं कि किस अंग का एक्स-रे करने में कितना रेडिएशन दिया जाना चाहिए। एरा मेडिकल कालेज के आयोजित कार्यक्रम में ये जानकारी दी गई।
डॉ. उस्मान खान ने कहा कि वर्तमान दौर एआई का है। आने वाले समय में इसका इस्तेमाल और भी बढ़ेगा। एक्स-रे और सीटी स्कैन जांच में एआई का इस्तेमाल होने से डेटा का सटीक तरीके से एनालिसिस किया जा सकता है। डॉ. शाइस्ता ने बताया कि एआई आधारित विश्लेषण और कॉन्ट्रास्ट-एन्हांस्ड मैमोग्राफी भविष्य में स्क्रीनिंग को और उन्नत बनाएंगे। तकनीकी विकास ने स्तन कैंसर का समय पर पता लगाने की संभावना कई गुना बढ़ा दी है। इस मौके पर डॉ. जिया अब्बास नकवी, एरा यूनिवर्सिटी के प्रो. एचसीएल रावत, एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के डॉ. मुकेश जैन, डॉ. सुमित अस्थाना, झांसी के गवर्नमेंट पैरा मेडिकल ट्रेनिंग कालेज के आरटीआई विभाग के प्रो. राजकुमार चाहर, अजय दीप सिंह, मुर्शद अब्बास, पीयूष पांडे, शैलेंद्र कुमार दिवाकर, भानु प्रकाश, नूर अब्बास मौजूद थे।