लखनऊ। अगर किसी को कुत्ता या फिर अन्य जानवर ने काट लिया है तो रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए केजीएमयू भी आ सकते हैं। संस्थान के रिहैबिलिटेशन एंड आर्टिफिशियल लिंब सेंटर में ट्रायल के तहत मान्यता प्राप्त टीके लगाए जा रहे हैं।
केजीएमयू में संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. डी. हिमांशु ने बताया कि संस्थान को देश के चुनिंदा ट्रायल सेंटर के रूप में चयनित किया गया है। इसके तहत यहां कई ट्रायल चल रहे हैं। इस ट्रायल के तहत रेबीज और इम्युनोग्लूबिन टीका निशुल्क लगाया जा रहा है। फिलहाल यह सुविधा 50 लोगों तक सीमित है, जिनमें से प्रत्येक को पांच-पांच टीके लगाए जाने हैं, लेकिन इसे और बढ़ाया जाएगा।
बेहद घातक है रेबीज
कुत्ते या फिर किसी अन्य जानवर के काटने से होने वाला रेबीज घातक वायरल संक्रमण है। यह व्यक्ति की केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। संक्रमित जानवर के काटने या खरोंचने से आमतौर पर लार के माध्यम से भी यह फैलता है। प्रारंभिक उपचार (वैक्सीन और इम्यूनोग्लोबुलिन) से इसे रोका जा सकता है।