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Lucknow News: अरशद व बदर तीन मोबाइल करते थे इस्तेमाल, कमरे से बरामद

Fri, 03 Jan 2025 02:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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लखनऊ। रिश्तों का कत्ल करने के आरोपी अरशद और उसका पिता बदर तीन मोबाइल फोन इस्तेमाल करते थे। वारदात के बाद आरोपी मोबाइल फोन होटल के कमरे में ही छोड़ गए। पुलिस ने तीनों मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें से कुछ नए वीडियो मिले हैं, पर पुलिस अधिकारी इस बारे में खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।
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एडीसीपी मध्य मनीषा सिंह ने बताया कि कमरे से तीन मोबाइल फोन मिले थे। तीनों फोन को फॉरेंसिक टीम ने कब्जे में ले लिया है। मोबाइल फोन में क्या था इसका पता नहीं चल सका है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीनों मोबाइल फोन आरोपी पिता-पुत्र के हैं। मोबाइल फोन में कुछ वीडियो मिले हैं, जिसमें बस्ती वालों के खिलाफ आरोपी बयान दे रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी अरशद व बदर काफी दिनों से बस्ती वालों के खिलाफ वीडियो बनाकर मोबाइल में रखे थे। यह उनकी साजिश का हिस्सा था। पुलिस अब तीनों मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाल रही है कि आरोपी पिता-पुत्र किन-किन लोगों से बात करते थे। कहीं ऐसा तो नहीं वारदात के पीछे किसी और का दिमाग हो। इस पहलू पर भी पुलिस टीम काम कर रही है।

लोको चौकी के पास आखिरी बार दिखा बदर
पुलिस की मानें तो आरोपी बदर बुधवार सुबह लोको चौकी के पास बने एक सीसीटीवी कैमरे में नजर आया। फिर वह लापता हो गया। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं तो उसका पता नहीं चल सका। नाका पुलिस ने स्टेशन के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला, पर कुछ सुराग नहीं लग सका। बदर की तलाश में चार टीमें लगी हैं। जीआरपी भी उसे तलाश रही है। लखनऊ पुलिस ने आगरा और संभल पुलिस से भी संपर्क किया है। आरोपी बदर के भागकर अयोध्या और प्रयागराज जाने की भी आशंका है। नाका पुलिस ने दोनों जनपदों की पुलिस से संपर्क साधा है। इसके अलावा वह कुछ साल दिल्ली में भी रहा है। पुलिस की एक टीम वहां भी भेजी जा सकती है।
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आरोपी का नार्को या पालीग्राफ टेस्ट करा सकती है पुलिस

पुलिस के सूत्रों के अनुसार अरशद और उसके पिता बदर काफी शातिर हैं। दोनों ने ऐसी कहानी रची, जिसने पुलिस को पूरी तरह उलझा दिया है। परिवार के पांच लोगों की हत्या करने का मकसद साफ न होने पर पुलिस अरशद का नार्को या पालीग्राफ टेस्ट करा सकती है। इससे उसका झूठ पकड़ा जा सकता है, पर इसके लिए कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। इस संबंध में डीसीपी मध्य रवीना त्यागी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर विवेचना में सभी वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
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