पूछताछ में अकबर ने एटीएस के अधिकारियों को बताया कि वह चिनहट में रहने वाले अपने चाचा के यहां आया था। चाचा से उसने बताया था कि वह नौकरी ढूंढने आया है। जबकि वह गाजीपुर में एक जनरल स्टोर पर 6000 रुपये की मासिक वेतन पर नौकरी कर रहा था।
पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट के सीधे संपर्क में था
एटीएस के अधिकारियों की मानें तो अकबर के मोबाइल से आईएसआई एजेंट नाम से एक नंबर सेव था, जिस पर व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार संपर्क में था। इसके अलावा 19 और नंबर इसके मोबाइल में मिले हैं, जो पाकिस्तान के ही हैं। दावा किया जा रहा है कि आईएसआई एजेंट ने ही इसे जिहाद के लिए ट्रेनिंग देने की बात कही थी और इसके लिए उसे पाकिस्तान बुलाया था, लेकिन वह नहीं गया।
कश्मीर पहुंची एटीएस
यूपी एटीएस की एक टीम कश्मीर पहुंच गई है जहां वह रविवार को बांदीपुरा से पकड़े गए चार आतंकियों वकार यासीन खां, आशिक हुसैन डार, रिजवान शफी लोन और जीशान लतीफ से पूछताछ करेगी। कश्मीर पुलिस ने दावा किया है कि इन चारों युवकों ने मिलकर आईएसआईएस का नया मॉडयूल तैयार किया था। इन्हीं आतंकियों ने पकड़े जाने के बाद शेख अली अकबर के बारे में जानकारी दी थी।
दस दिन की मिली रिमांड
न्यायालय ने शेख अली अकबर को 10 दिन की रिमांड पर एटीएस को सौंप दिया है। एटीएस उससे कश्मीर से लेकर पाकिस्तान और यूपी में उसके साथियों के बारे में पड़ताल करेगी।