लखनऊ। कोर्ट गवाही के लिए गोमतीनगर थाने के पूर्व प्रभारी और वर्तमान में कानपुर के नवाबगंज थाने में तैनात इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी को लगातार बुला रही है। बावजूद इसके इंस्पेक्टर कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर रहे हैं। इंस्पेक्टर की इस हरकत से नाराज एडीजे उमाकांत जिंदल ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए अलग से प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 मार्च की तारीख तय की है।
कोर्ट ने इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए अपने आदेश में कहा कि इसके पहले 21 फरवरी को इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और 350 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उन्हें गवाही के लिए 26 फरवरी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश का पालन करने के लिए पुलिस कमिश्नर लखनऊ व पुलिस कमिश्नर कानपुर को भी पत्र भेजा और इंस्पेक्टर को कोर्ट में हाजिर कराने का आदेश दिया था। लगभग पांच तारीखों से कोर्ट के आदेश के बावजूद केशव कुमार तिवारी गवाही के लिए हाजिर नहीं हो रहे हैं।
कोर्ट ने आदेश में कहा है कि गोमतीनगर थाने में अविनाश पांडे आदि के खिलाफ दर्ज किए गए इस केस की सुनवाई चल रही है। इस मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले के शीघ्र निस्तारण का आदेश दिया है। इस आदेश की जानकारी इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी को भी है, लेकिन वह जानबूझकर कोर्ट में गवाही के लिए हाजिर नहीं हो रहे हैं, जबकि उनके विरुद्ध जारी सभी आदेश व नोटिस की पर्याप्त तामीला है। अदालत ने आदेश में कहा है कि ऐसा लगता है कि गवाह सुप्रीम कोर्ट और इस कोर्ट के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना कर रहा है और गवाही के लिए कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहा। ऐसी स्थिति में गवाह केशव कुमार तिवारी का यह आचरण अत्यंत आपत्तिजनक एवं अवमानना पूर्ण है। इसके कारण उनके खिलाफ वाद दर्ज कर सुनवाई किया जाना उचित होगा। कोर्ट ने कहा है कि मूल फाइल के साथ इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी के खिलाफ दर्ज की गई प्रकीर्ण वाद की फाइल भी सुनवाई के लिए 12 मार्च को पेश की जाए।