एक सेकंड लेफ्टिनेंट को झूठे आरोपों मं फंसाकर गलत तरीके से कोर्ट मार्शल करने और जेल भेजने के मामले में आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल ने केंद्र सरकार और सेना प्रमुख पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका है।
ट्रिब्यूनल की लखनऊ क्षेत्रीय बेंच ने सेकंड लेफ्टिनेंट शत्रुघ्न सिंह चौहान को बेदाग मानते हुए न सिर्फ उन्हें नौकरी में बहाल करने का आदेश दिया, बल्कि प्रमोट करने का आदेश भी दिया।
जुर्माने की रकम में से 4 करोड़ याची को बतौर मुआवजा दिया जाएगा जबकि एक करोड़ रुपये सेना के केंद्रीय कल्याण फंड में जमा किया जाएगा। रकम चार महीने में अदा करनी है।
सैन्य न्यायाधिकरण के न्यायिक सदस्य जस्टिस देवी प्रसाद सिंह और प्रशासनिक सदस्य जस्टिस एयर मार्शल अनिल चोपड़ा की खंडपीठ ने शत्रुघ्न सिंह चौहान की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
याचिका में मैनपुरी निवासी याची शत्रुघ्न सिंह ने रक्षा मंत्रालय और सेना प्रमुख के खिलाफ आरोप लगाए गए थे। ट्रिब्यूनल में याचिका 2012 में ट्रांसफर्ड एप्लीकेशन के तौर पर आई थी।