इंद्र भूषण दुबे
नौकरी के नाम पर ठगने वाले गिरोह का सरगना व पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का निजी सचिव अरमान बेरोजगारों से लाखाें रुपये ऐंठता था।
अरमान बेरोजगारों को सचिवालय में पूर्व मंत्री के लिए सरकार द्वारा आवंटित कमरे में बुलाकर इंटरव्यू लेता था।
तीन ठग खुद को सचिवालयकर्मी बताकर बेरोजगारों से मिलते थे। इसमें विशाल गुप्ता, फैजी व सैफी शामिल हैं। यह गिरोह तय रकम का 40 प्रतिशत हिस्सा असगर के खाते में मंगाता था।
बाकी नकदी लेता था। यह अहम सुराग पूर्व मंत्री के निजी सचिव अरमान ने एसटीएफ के सामने कुबूले हैं।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक, ठगी के शिकार जितेश कुमार सिंह, अंकित यादव, राजप्रकाश, अमृतलाल ने इसकी शिकायत की थी।
गिरोह में अरमान के अलावा जामी उर्फ जलील, फैजी, असगर, विशाल गुप्ता, अमित राव, मुन्नवर और सैफी शामिल है।
जलील व असगर खान खुद को अरमान का करीबी व सचिवालय कर्मचारी बताकर सचिवालय में ले गए थे, जहां पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के कार्यालय में निजी सचिव की केबिन में अरमान से मिलवाया गया।
इंटरव्यू के बाद नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये की मांग की गई। इसमें कुछ रकम असगर के खाते में जमा कराई गई। बाकी रकम नकद में मांगी गई।
इसके बाद उनको विशाल गुप्ता, फैजी व सैफी ने खुद को सचिवालयकर्मी बताया और ब्लैंक चेक व शैक्षिक योग्यता प्रमाण लेकर नियुक्ति पत्र दिया गया।
कहा गया कि बापू भवन में जाइए वहां फैजी आपका प्रवेश पत्र बनवा देगा। एसटीएफ के मुताबिक, जालसाजों ने बेरोजगारों से रुपये ऐंठने व फर्जी नियुक्ति पत्र देने के बाद कहा कि तीन महीने तक अवैतनिक ट्रेनिंग होगी।
इसके बाद 28500 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद जब नियुक्ति स्थान पर गए तो पता चला कि उनके साथ फर्जीवाड़ा किया गया है।
बापू भवन में बना रखा था फर्जी ट्रेनिंग सेंटर
एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि इन जालसाजों ने बापू भवन में ही फर्जी तरीके से एक कमरे को ट्रेनिंग सेंटर बना रखा था। नौकरी चाहे किसी भी विभाग की हो, ट्रेनिंग बापू भवन में ही होती थी, जहां सभी जालसाज बारी-बारी से प्रशिक्षण देते थे। बेरोजगारों का प्रतिदिन पास बनवाने की जिम्मेदारी सैफी पर रहती थी। इन जालसाजों ने रेलवे भर्ती बोर्ड, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड, एसबीआई, नार्थ सेंट्रल रेलवे, भारत कोकिंग कोल लि., मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज ऑफ डिफेंस गवर्नमेंट ऑफ इंडिया जैसे विभागों के जाली नियुक्ति पत्र जारी कर रखा था।