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Lucknow News: राष्ट्रीय पुनर्वास विवि में 71 नए मल्टी डिसिप्लिनरी पाठ्यक्रमों को मंजूरी

Thu, 16 Jul 2026 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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राष्ट्रीय पुनर्वास विवि 
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लखनऊ। अब डिग्री की रफ्तार सभी विद्यार्थियों के लिए एक जैसी नहीं होगी। जो छात्र अपनी प्रतिभा के दम पर तेज गति से आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें कम समय में पढ़ाई पूरी करने का अवसर मिलेगा, जबकि दिव्यांग और अन्य जरूरतमंद विद्यार्थियों को बिना पढ़ाई बाधित हुए अतिरिक्त समय मिलेगा। इसी के साथ विश्वविद्यालय की पढ़ाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भी स्किल एन्हांसमेंट कोर्स के रूप में शामिल होगी। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की 42वीं विद्या परिषद की बैठक में बृहस्पतिवार को ये महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
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कुलपति प्रो. संजय सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक्सेलरेटेड डिग्री प्रोग्राम (एडीपी), एक्सटेंडेड डिग्री प्रोग्राम (ईडीपी) रेगुलेशन को मंजूरी दी गई। साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अकादमिक कैलेंडर में इसे शामिल करने का निर्णय लिया गया। कुलपति ने दावा किया कि एडीपी और ईडीपी लागू करने वाला यह प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय है। बैठक में नए सत्र से विभिन्न विभागों में संचालित किए जाने वाले 71 मल्टी डिसिप्लिनरी कोर्सों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

मेधावी छात्र जल्दी, जरूरतमंद अतिरिक्त समय में पूरी करेंगे पढ़ाई
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. यशवंत वीरोदय ने बताया कि एडीपी के तहत एसजीपीए/सीजीपीए 7.5 या उससे अधिक तथा बिना बैक पेपर वाले मेधावी विद्यार्थी अतिरिक्त क्रेडिट लेकर चार वर्षीय (आठ सेमेस्टर) स्नातक पाठ्यक्रम छह सेमेस्टर में पूरा कर सकेंगे। इसके लिए प्रत्येक संकाय में 10 प्रतिशत सीटें निर्धारित होंगी। वहीं, ईडीपी के तहत एसजीपीए/सीजीपीए 6.0 या उससे कम अंक पाने वाले विद्यार्थी, बैक पेपर हो या नहीं, कम क्रेडिट लेकर अधिकतम दो अतिरिक्त सेमेस्टर में अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगे।
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यूजी और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में पढ़ाई जाएगी एआई

विद्या परिषद ने यूजी और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (एसईसी) के रूप में शामिल करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके तहत विद्यार्थियों को एआई की मूल अवधारणाओं के साथ चैटजीपीटी, जेमिनी, डीपसीक और पर्प्लेक्सिटी जैसे आधुनिक एआई टूल, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा तथा स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग और पुनर्वास के क्षेत्र में एआई के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

नई व्यवस्था से मिलेगा दोहरा लाभ

एडीपी और ईडीपी व्यवस्था से मेधावी विद्यार्थियों को कम समय में डिग्री पूरी करने का अवसर मिलेगा, जबकि दिव्यांग और अन्य जरूरतमंद विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय मिलने से उनकी पढ़ाई बाधित नहीं होगी। वहीं, एआई आधारित स्किल एन्हांसमेंट कोर्स के जरिए विद्यार्थियों को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान भी मिलेगा।
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