मिलेगा ईडब्ल्यूएस कोटे का लाभ
प्रवेश समन्वयक ने बताया कि केंद्र सरकार के फैसले के बाद दाखिलों में 10 फीसदी सीटें सवर्ण वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित होगी। पिछले साल अभ्यर्थियों को इसका लाभ नहीं मिला था। एनसीटीई से अनुमति के बाद इस साल इसका फायदा दिया जाएगा।
अंतिम बार हो सकता है दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम में दाखिला
पिछले दो वर्ष से बीएड पाठ्यक्रम की अवधि दो साल से बढ़ाकर चार साल करने पर विचार किया जा रहा है। एनसीटीई भी इंटीग्रेटेड बीएड कराने के बारे में निर्देश जारी कर चुका है। ऐसे में संभव है कि इस साल दो वर्षीय बीएड प्रवेश परीक्षा का अंतिम वर्ष हो। अगले वर्ष से बीएड की अवधि चार साल कर दी जाए।
कुलपति ने बताया कि परीक्षा का आयोजन ऑनलाइन करने पर विचार किया गया था, पर फिलहाल इसे ऑफलाइन ही कराया जाएगा। यदि अगली बार प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी लखनऊ विश्वविद्यालय को मिली तो परीक्षा ऑनलाइन कराई जा सकती है।