मोहनलालगंज। तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित ''संपूर्ण समाधान दिवस'' में उस समय सब हैरान रह गए, जब एक जीवित किसान खुद को कागजों में जिंदा साबित करने के लिए गुहार लगाने पहुंच गया। समस्या सुनने के लिए मौके पर जिलाधिकारी विशाख जी स्वयं मौजूद थे।
बाबूखेड़ा (मजरा रघुनाथखेड़ा) निवासी पीड़ित किसान काशी प्रसाद ने डीएम के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया कि क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की घोर लापरवाही अथवा मिलीभगत से राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। इतना ही नहीं, उनकी कृषि भूमि भी फर्जी तरीके से अन्य लोगों के नाम दर्ज कर दी गई है। किसान ने कहा कि वह जीवित हैं और स्वयं उपस्थित होकर न्याय की मांग कर रहे हैं। इस गंभीर फर्जीवाड़े पर गहरी नाराजगी जताते हुए डीएम ने तहसीलदार को तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, समाधान दिवस में एक अन्य किसान चन्नू ने भी कुछ दबंगों द्वारा अपनी भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, एक अन्य किसान चन्नू ने भी जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास की शिकायत की।
अवैध निर्माण और आम रास्ते पर प्लॉटिंग की शिकायत, एडीएम सख्त
सरोजनीनगर में एडीएम पूर्वी महेंद्र पाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में अतिक्रमण और अवैध कब्जों के मामले छाए रहे। हरौनी निवासी नूर मोहम्मद ने डिफेंस कॉरिडोर रोड स्थित अपनी जमीन पर पड़ोसी द्वारा बिना पैमाइश कराए पिलर खड़े कर किए जा रहे अवैध निर्माण को रुकवाने की मांग की। वहीं, गहरू गांव के सह-खातेदार मेवालाल और पृथ्वी पाल ने शिकायत की कि कुछ ग्रामीण आम रास्ते को बंद कर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं और उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी गांव की एक महिला ने घर में घुसकर मारपीट व छेड़छाड़ करने वाले नामजद आरोपियों पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। (संवाद)
आपदा लाभार्थी का आरोप, कानूनगो नहीं लगा रहे रिपोर्ट
मलिहाबाद में ग्राम पुरवा निवासी रामरती ने बताया कि उनका विधवा पेंशन दो वर्षों से बंद है। संबंधित विभाग सहित समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। वहीं, नबीनगर गांव निवासी मुकेश ने बताया कि जनवरी में उनके घर में आग लगने से दो जानवर जलकर मर गए थे। सरकारी सहायता के लिए आपदा पोर्टल पर आवेदन किया था, लेखपाल ने रिपोर्ट लगा दी थी, लेकिन कानूनगो दो माह से रिपोर्ट नहीं लगा रहे। वहीं, महिमाखेड़ा के सकटू ने बताया कि मुड़ियारा गांव में तालाब का पट्टा किया गया था, लेकिन लाभार्थी तालाब का इस्तेमाल न कर खेती कर रहा है। (संवाद)
966 शिकायतें, 207 का ही निस्तारण
पांचों तहसीलों में 966 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 207 का ही निस्तारण हो सका। मोहनलालगंज तहसील में सबसे अधिक 428 शिकायतें आईं। यहां 112 का निस्तारण किया गया। बीकेटी में 228 में से 56, सरोजनीनगर में 145 में से 21, मलिहाबाद में 110 में से 14, सदर में 55 में से चार शिकायतों का ही निस्तारण हो सका।
समाधान दिवस में पहुंचे फरियादी।
समाधान दिवस में पहुंचे फरियादी।
समाधान दिवस में पहुंचे फरियादी।
समाधान दिवस में पहुंचे फरियादी।
समाधान दिवस में पहुंचे फरियादी।
समाधान दिवस में पहुंचे फरियादी।
समाधान दिवस में पहुंचे फरियादी।
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