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इनके जज्बे को सलाम, उम्र भी न बांध सकी पढ़ाई का जुनून, अब 52 की उम्र में पीएचडी करने की ललक

Sat, 26 Sep 2020 01:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो अक्षय कुमार, अमर उजाला, लखनऊ
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पीएचडी प्रवेश परीक्षा देते अधिशासी अभियंता - फोटो : amar ujala
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ये तो सुना था कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है। मगर अपने पेशे और पढ़ाई के प्रति लगन के साथ जब कोई आगे बढ़े तो सभी उसके जज्बे को सलाम करते हैं। यही इरादा लेकर अपने क्षेत्र में कुछ और अच्छा करने के लिए बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता जय शंकर राय शुक्रवार को एकेटीयू की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए।
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पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक कार्यालय, वाराणसी में तैनात 52 वर्षीय जय शंकर राय लोगों को दी जाने वाली बिजली की क्वालिटी कैसी है? उनके हॉर्मोनिक्स, करेंट सर्च कितना है? फ्लक्चुएशन कितना है? यह सब जानने के लिए इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से शोध करने के इच्छुक हैं। ताकि वो इस क्षेत्र में और बेहतर काम कर सकें।

 

मूल रूप से गाजीपुर निवासी जय शंकर राय ने शुरुआती शिक्षा गाजीपुर में ही प्राप्त की। पॉलीटेक्निक से डिप्लोमा किया और बिजली विभाग में जेई बन गए। मगर उनका बेहतर करने का जज्बा खत्म नहीं हुआ। नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई जारी रखी और बीआईटी मेसरा के प्रयागराज स्थित सेंटर से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक किया।

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पढ़ने में नहीं होती कोई दिक्कत

केएनआईटी सुल्तानपुर से एमटेक और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, प्रयागराज से एमबीए की भी पढ़ाई पूरी की। इसी क्रम में अब शोध भी करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसका मूल उद्देश्य तो उक्त सारी चीजों की बारीकी जानकर उसमें सुधार करना है। बाकी कॅरिअर को बेहतर करने में भी इसका लाभ तो मिलेगा ही।

जय शंकर राय का बड़ा बेटा विवेक राय भी एसआरएम चेन्नई से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है जबकि छोटा बेटा इंटर की पढ़ाई कर रहा है। एक बेटी की शादी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं होती। कभी-कभी बच्चों से भी इस पर चर्चा होती रहती है।
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