लखनऊ। खुद पर कथित हमला कराने के मामले में रायबरेली में दर्ज मुकदमे को तबरेज राना ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी है। बुधवार को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर तबरेज के अधिवक्ता ने कहा कि जब फायरिंग के वक्त वह कार में अंदर बैठा था तो भला उसे 307 की धारा में मुलजिम कैसे बनाया जा सकता है। याचिका में गिरफ्तारी से रोक की मांग भी की गई है।
शायर मुनव्वर राना के बेटे तबरेज राना पर 28 जून को रायबरेली में त्रिपुला पेट्रोल पंप के पास जानलेवा हमला हुआ था। उसने अपने चार चाचा व चचेरे भाई पर हमला कराने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रायबरेली पुलिस ने दो शूटर समेत चार लोगों को असलहों के साथ गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया था। दावा किया था कि तबरेज ने अपने पट्टीदारों को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए ही खुद पर हमला कराया था। तब से रायबरेली पुलिस व क्राइम ब्रांच तबरेज की तलाश में जुटी है।
तबरेज की ओर से अधिवक्ता नदीम मुर्तजा व शीरान अल्वी ने बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की। इसमें कहा है कि हमले के वक्त तबरेज कार के भीतर था। ऐसे में उसे आईपीसी की धारा 307 के तहत मुलजिम कैसे बनाया जा सकता है। याचिका में गिरफ्तारी से रोक की भी मांग की गई है। साथ ही उक्त मुकदमे की विवेचना किसी अन्य जनपद की पुलिस से कराने और कोर्ट से पूरे मामले की मॉनिटरिंग करने की अपील भी की गई है।