लखनऊ। शहर की अब्धिजा त्रिपाठी ने स्वास्थ्य तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब्धिजा ने पल्स यूथ कार्डियक अलायंस (पीवाईसीए) एप विकसित किया है, जो कठिन और जटिल चिकित्सकीय भाषा को बेहद सरल रूप में समझाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों, युवाओं और वंचित समुदायों तक हृदय-स्वास्थ्य की शिक्षा को आसानी से पहुंचाना है।
अब्धिजा ने बताया कि उनके बड़े भाई के दिल में छेद की बीमारी और परिवार की चिंताओं को करीब से देखने के बाद उन्हें यह हेल्थ टेक एप बनाने की प्रेरणा मिली। एप का दायरा भारत के अलावा अफ्रीका पल्स प्रोजेक्ट के तहत घाना और युगांडा तक फैला है, जहां यह महिला स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण पर भी विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है।
अब्धिजा के नेतृत्व में पल्स पाल एआई असिस्टेंट नामक एक डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म भी तैयार किया गया है। यह प्लेटफॉर्म 30 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें मेडिकल डॉक्यूमेंट अपलोड करने, डॉक्टर विजिट की तैयारी करने और हार्ट मूड कैलकुलेटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
उच्च शिक्षा और वित्तीय सहायता
अब्धिजा को यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन सहित 14 अमेरिकी विश्वविद्यालयों से प्रवेश का प्रस्ताव मिला है। उन्हें यूके की ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय सहित दो प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शोध के लिए भी चुना गया है। अगस्त माह में वे डॉक्टरी की उच्च शिक्षा और शोध के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका जाएंगी। उन्हें अमेरिकी विश्वविद्यालयों से औसतन एक करोड़ 25 लाख रुपये से अधिक का स्कॉलरशिप प्राप्त होगा।