फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिरी वक्त पर डॉ.कलाम ने लखनऊ के सृजन से बयां की थी पीड़ा

Tue, 28 Jul 2015 03:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली से शिलांग तक की सफर और फिर वहां से कार्यक्रम स्थल पहुंचने तक पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम संसद में मौजूदा गतिरोध पर बात करते रहे। इस दौरान उन्होंने साथ चल रहे लोगों से पूछा कि ऐसा क्या किया जा सकता है कि जिससे संसद में ठीक से चर्चा हो।
विज्ञापन


इस तरह से बार-बार बाधाएं न पैदा हों। ये बातें पूर्व राष्ट्रपति कलाम के सलाहकार सृजनपाल सिंह ने बताई। दरअसल यूपी के पूर्व विद्युत लोकपाल आरपी पाल बेटे सृजन कई सालों से बतौर उनके सलाहकार काम कर रहे थे।

सृजन ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि वह दिल्ली से शिलांग कलाम साहब के साथ ही गए थे। पहले फ्लाइट फिर कार से कार्यक्रम स्थल पहुंचने तक कलाम संसद में मौजूदा गतिरोध पर बात करते रहे।
विज्ञापन


उन्होंने साथ चल रहे लोगों से पूछा कि ऐसा क्या किया जा सकता है कि जिससे संसद में ठीक से चर्चा हो। इस तरह से बार-बार बाधाएं न पैदा हों।
विज्ञापन

दो वाक्य भी पूरे नहीं कर पाए माइक पर

फिर यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि लोग उन्हें एक शिक्षक के तौर पर याद रखें। सृजन ने बताया कि मंच पर जब उन्होंने कलाम साहब को माइक लगाया तो उन्होंने पूछा ‘ऑल इज ओके?’

मेरे ओके कहते ही उन्होंने बोलना शुरू किया और दो वाक्य भी पूरा नहीं कर पाए थे कि वे गिर पड़े। बता दें सृजन ने वर्ष 2009 में आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए किया था। गोल्ड मेडलिस्ट सृजन को उसी साल पूर्व राष्ट्रपति कलाम से मिलने का मौका मिला।

इस दौरान कलाम साहब को सृजन में खास प्रतिभा दिखी और उन्होंने उसे अपना सलाहकार बना लिया। तभी से सृजन उनके साथ हर कार्यक्रमों में आते-जाते थे। तीन अगस्त 2009 को पूर्व राष्ट्रपति उनके गोमती नगर स्थित आवास पर भी आए थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें