सामाजिक कार्यकर्ता अपर्णा यादव।
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सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने निर्भया दुष्कर्म केस के आरोपियों को फांसी देने का दिन तय होने पर कहा कि 22 जनवरी एक स्वर्णिम दिन होगा। मैं कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करती हूं। उन्होंने कहा कि मैं निर्भया के माता-पिता और उनके संघर्ष को सलाम करती हूं साथ ही सुप्रीम कोर्ट और देश के सांसदों से अपील करती हूं कि इन अपराधों को रोकने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाए जाने चाहिए।
सात साल पहले देश को दहला देने वाले निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले के दोषियों को फांसी पर लटकाने का दिन और वक्त मुकर्रर हो गया। पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार अपराह्न 4:48 बजे इस मामले के चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी कर दिया। इसके मुताबिक 22 जनवरी सुबह 7 बजे निर्भया के गुनहगारों को तिहाड़ जेल में फांसी के फंदे पर लटकाया जाएगा। इस फैसले के बाद तिहाड़ में दोषियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। वहीं, दोषियों के वकीलों ने कहा कि वह क्यूरेटिव पिटीशन और राष्ट्रपति से दया की गुहार लगाएंगे।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने लंबी सुनवाई के बाद मुकेश (32), विनय शर्मा (26), अक्षय कुमार सिंह (31) और पवन गुप्ता (25) का डेथ वारंट जारी किया। तिहाड़ जेल में बंद चारों दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया गया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट से दोषियों की पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद निर्भया के माता-पिता और अभियोजन पक्ष (दिल्ली सरकार) ने डेथ वारंट जारी करने की याचिका लगाई थी। इस पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील राजीव मोहन ने कोर्ट को बताया कि दोषियों की कोई भी याचिका किसी कोर्ट या राष्ट्रपति के यहां लंबित नहीं है। चारों की पुनर्विचार यचिका सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है।
उन्होंने कहा, डेथ वॉरंट के बाद भी फांसी होने तक दया याचिका दायर कर की जा सकती है। कानूनन इसके लिए 14 दिन का समय मिलना चाहिए। इससे पहले दोपहर 2 बजे जज कोर्ट रूम में पहुंचे तो वकील एमएल शर्मा ने कहा कि वह मुकेश की ओर से पैरवी कर रहे हैं। दूसरी ओर, पिछली सुनवाई पर कोर्ट द्वारा मुकेश के लिए नियुक्त न्यायमित्र वृंदा ग्रोवर ने शर्मा का विरोध किया और स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। इस पर कोर्ट ने शर्मा को वकालतनामा देने को कहा। पहले सत्र की सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला 3:30 बजे तक के लिए सुरक्षित रख लिया।