लखनऊ। अब निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर भी सरकारी केंद्रों पर सेवाएं दे सकेंगे। हालांकि, इसके लिए उन्हें कोई भी मानदेय नहीं दिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक प्रस्ताव बनाया है और मंजूरी के लिए शासन को भेजा है।
सीएमओ के अधीन 108 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 54 पीएचसी व 20 सीएचसी का संचालन हो रहा है। जिले में अभी 14 केंद्रों पर डॉक्टर नहीं हैं। ऐसे में उनकी जगह फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्स सेवाएं दे रहे हैं। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रों की चिकित्सा व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रस्ताव बनाया है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर या रिटायर्ड डॉक्टर इसके तहत अपने नजदीकी केंद्र में जाकर अपनी सेवा दे सकेगा। इसके लिए उन्हें सीएमओ को एक पत्र देना होगा।