अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल।
- फोटो : अमर उजाला
अपना दल (एस) की ख्वाहिश अब तीसरी ताकत की तर्ज पर एनडीए में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की है। दरअसल पार्टी शक्ति संतुलन के मामले में यूपी की राजनीति में भाजपा और सपा के बाद तीसरे नंबर पर और बसपा व कांग्रेस से आगे है। इसीलिए कुर्मी वोट बैंक के सहारे लोकसभा की दो से अधिक सीटों पर दावेदार के रूप में दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल की नजर है। अनुप्रिया ने बेहद सधे हुए अंदाज में इस दिशा में अपने कदम भी बढ़ा दिए हैं।
एनडीए के शीर्ष घटक भाजपा को संदेश देने के साथ अपनी महत्वाकांक्षा को जमीन पर उतारने के लिए उन्होंने उसी सरजमीं का चयन किया जो भाजपा के लिए सत्ता की धुरी रही है। अनुप्रिया पार्टी के स्थापना दिवस का मुख्य समारोह पहली बार पहली बार अयोध्या में मनाने के लिए शनिवार को यहां आ रही हैं। इस आयोजन के माध्यम से वह अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगी। इसीलिए सभी प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों को इसमें शामिल होने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अयोध्या मंडल के पांचों जिलों के कार्यकर्ताओं को भी बुलाया गया है।
ये भी पढ़ें - केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल का बड़ा दावा, पीएम मोदी के नेतृत्व में ही होगी जातीय जनगणना
ये भी पढ़ें - केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की मां का इंटरव्यू: बोलीं- कभी दो कंटाप लगाए होते तो ऐसी न होती बेटी
बसपा व कांग्रेस से ज्यादा विधायक
अपना दल के प्रदेश सचिव प्रमोद सिंह बताते हैं कि पार्टी प्रदेश में तीसरी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत है। उनके पास बसपा और कांग्रेस से ज्यादा विधायक हैं। सांसदों की बात करें तो पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने कांग्रेस को भी पीछे छोड़ दिया था। सिंह के अनुसार, यूपी में अपना दल एस के दो सांसद, 13 विधायक, एक एमएलसी, एक जिला पंचायत अध्यक्ष, दो दर्जन से अधिक ब्लाक प्रमुख और 50 से ज्यादा की संख्या में निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य हैं। अयोध्या में भी अपना दल एस खुद को मजबूत मानता है। वह इसलिए कि यहां उसके सहयोग से गोसाईंगंज सीट पर बाहुबली इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी विधायक चुने गए थे। साथ ही गोसाईंगज के साथ बीकापुर व अयोध्या विधानसभा सीट पर कुर्मी मतदाता प्रभावी भूमिका निभाते हैं। यदि पूरे जिले की बात करें तो कुर्मी मतदाताओं की संख्या करीब सात फीसदी है।
अयोध्या का जातीय समीकरण
सवर्ण-29 फीसदी
ओबीसी-26 सीसदी
यादव-13 फीसदी
कुर्मी- सात फीसदी
दलित-चार फीसदी
मुस्लिम-14 फीसदी
अपना दल एस की ताकत
दो सांसद, 13 विधायक, एक एमएलसी, एक जिला पंचायत अध्यक्ष, दो दर्जन से अधिक ब्लॉक प्रमुख, 50 से ज्यादा जिला पंचायत सदस्य।