पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्मान न मिलने को लेकर एनडीए में शामिल अपना दल (एस) की संरक्षक और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भाजपा हाईकमान को अल्टीमेटम दिया है।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व यूपी में अपना दल (एस) के कार्यकर्ताओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए 20 फरवरी तक हस्तक्षेप नहीं करता है तो वे अपनी राह चुनने के लिए स्वतंत्र होंगी। वे गुरुवार को राजधानी स्थित गांधी भवन में पार्टी की मासिक बैठक में बोल रही थीं।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ वे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगी। हमें केंद्र सरकार से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन प्रदेश में भाजपा संगठन और सरकार उनके दल के कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं दे रही है। हमने हर स्तर पर अपनी बात रखी थी, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया। इसलिए पार्टी ने यह तय किया है कि अगर 20 फरवरी तक भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इस मुद्दे पर हस्तक्षेप नहीं किया तो वे आगे की रणनीति बनाने के लिए मजबूर होंगे।
पार्टी पदाधिकारियों ने भी इस मामले में अनुप्रिया को ही अंतिम फैसला लेने के लिए अधिकृत किया है। बैठक में अपना दल (एस) विधानमंडल दल के नेता नीलरतन पटेल, कारागार राज्य मंत्री जय कुमार सिंह जैकी, विधायक डॉ. लीना तिवारी के अलावा प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र पाल भी शामिल हुए।