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यूपी सरकार में होगी अपना दल की मजबूत साझेदारी: अनुप्रिया पटेल

Mon, 12 Dec 2016 04:16 PM IST
कुमार भवेश चंद्र/अमरउजाला, लखनऊ
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अनुप्रिया पटेल - फोटो : amar ujala
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अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल केंद्र में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में सत्ता में साझीदार होने के बाद यूपी की सत्ता में साझेदारी के सपने देख रही हैं। उनका दावा है कि अपना दल उत्तर प्रदेश में बनने वाली अगली सरकार में मजबूत साझेदार होगा।
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उन्होंने कहा कि अपना दल के संस्थापक उनके स्वर्गीय पिता डॉ. सोनेलाल पटेल ने यूपी में अपनी सरकार बनाने का जो सपना देखा था, वह उसके बेहद करीब हैं। अनुप्रिया पटेल से कुमार भवेश चंद्र ने विस्तार से बातचीत की। पेश है प्रमुख अंश : 

अपना दल ने लोकसभा चुनाव में भाजपा से गठबंधन किया, दो सीटों पर आपकी पार्टी की जीत हुई, आप आज केंद्र में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री हैं। मेरा सवाल यह है कि यूपी को क्या मिला?
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..स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री के तौर पर यों तो हमारी जिम्मेदारी पूरे देश के लिए है, पर हमने यूपी के लिए कई योजनाओं पर काम शुरू किया है। इनमें से कई काम जल्द ही दिखने लगेंगे।

इनमें से सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी योजना है गोरखपुर में एम्स की स्थापना। हाल ही में प्रधानमंत्री ने इसका शिलान्यास भी कर दिया है। इसकेअलावा हमने पूरे देश में कुल 52 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की योजना बनाई।

इनमें से 5 यूपी को मिलने वाले हैं। बस्ती, फैजाबाद, शाहजहांपुर, फीरोजाबाद और बहराइच में ये कॉलेज खुलेंगे। केंद्र सरकार की अमृत फार्मेसी स्टोर योजना के तहत भी हम यूपी को बड़ा लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं।

इसके तहत पहला स्टोर वाराणसी केबीएचयू में खुल गया है। यहां हृदयरोग, कैंसर और दिव्यांगों के लिए उपकरण 70 फीसदी रियायत पर मिलेंगे। जिला हेल्थ सेंटर में 460 वर्गफीट जगह के लिए प्रदेश सरकार से एमओयू की प्रकिया पूरी होने के बाद इस योजना को और विस्तार मिलेगा। अगर हमें प्रदेश सरकार का सहयोग मिला तो यूपी में हम और भी अधिक काम करना चाहते हैं।

पूरी मजबूती के साथ लड़ेंगे चुनाव

अनुप्रिया पटेल
आपको अपने पार्टी के भीतर काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अपना दल के भीतर से असंतोष की आवाजें आ रही हैं, वास्तविक स्थिति क्या है?
...मुझे लगता है कि ये समस्या इतनी बड़ी नहीं है जितनी खबरें मीडिया में आ रही हैं। वास्तविकता है कि अगर हमारी पार्टी के भीतर अगर कोई धड़ा है भी तो वह इतना छोटा है कि उसका कोई प्रभाव नहीं है। पार्टी का बहुत बड़ा हिस्सा हमारे साथ खड़ा है और वह हमारे कार्यक्रमों, हमारे अभियान और हमारे पिता डॉ. सोनेलाल पटेल के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

लेकिन चुनाव आयोग ने तो इस वजह से आपके सिंबल पर भी रोक लगा दी है? विधानसभा चुनाव तक यह मसला हल नहीं होता है तो क्या आपके उम्मीदवार भाजपा के सिंबल पर भी चुनाव लड़ सकते हैं?
... नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं होने वाला है। हम भाजपा के सिंबल पर क्यों चुनाव लड़ेंगे। ये मामला अदालत में विचाराधीन है और मुझे पूरी उम्मीद है कि चुनाव से पहले यह मामला सुलट जाएगा और हम पूरी मजबूती के साथ एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे।
 

पार्टी का आधार है, हमारी ताकत

अनु‌‌प्रिया पटेल
- विधानसभा चुनाव में अपना दल का मुद्दा क्या रहेगा?
... देखिए, अपना दल यूपी में कानून का राज कायम करने की लड़ाई लड़ता आया है। हम यूपी को अखिलेश सरकार के कुशासन और मायावती के भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। इन दोनों ही दलों ने यूपी में अपनी गलतियों से अपनी जमीन खो दी है। हमें पूरी उम्मीद है इस बार भाजपा के साथ अपना दल की सरकार को जनादेश मिलने वाला है। 

क्या भाजपा के साथ अपना दल के सीटों की साझेदारी को लेकर आपकी बातचीत पूरी हो चुकी है? और क्या आप इस वक्त बता सकेंगी कि अपना दल कितनी सीटों पर चुनाव लड़ने जा रहा है?
..इस बारे में भाजपा के साथ हमारी बातचीत जारी है। अभी सीटों के बंटवारे को लेकर निर्णायक बातचीत नहीं हो पाई है। लेकिन ये तय है कि अपना दल न केवल पूर्वांचल में बल्कि बुंदेलखंड और हर उस जगह पर चुनाव लड़ेगी जहां हमारी पार्टी का आधार है, हमारी ताकत है।

भाजपा के वे कौन से मुद्दे हैं जिनके आधार पर उनको आपकी पार्टी का समर्थन है?
... हम भाजपा के साथ मिलकर लगातार काम कर रहे हैं। परिवर्तन रैलियों में मैं हिस्सा ले रही हूं। हमारे कार्यकर्ताओं की अच्छी भागीदारी होती है इनमें। यूपी को विकास के रास्ते पर लाने के लिए भाजपा और हमारा मिशन एक है और हम इसमें कामयाब भी होंगे।
 
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कालेधन को लेकर मोदी ने ‌क‌िया है ठोस प्रयास

डेमो - फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के बाद लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं। मोदी सरकार के इस फैसले की तारीफ करने वाले भी कह रहे हैं कि इसे तरीकेसे मैनेज नहीं किया गया? क्या आपको लगता है कि विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ आपको भी इसका नुकसान हो सकता है?
... नहीं, बिल्कुल नहीं। इस मुद्दे पर तो हमें ताकत मिलेगी। पिछले 10 साल में काला धन से होने वाली परेशानियों को लेकर चर्चाएं बहुत हुईं लेकिन ये पहला मौका है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसको लेकर ठोस प्रयास किया है।

एसआईटी के गठन से इसकी शुरुआत हुई थी। नोटबंदी उसी अभियान का दूसरा बड़ा कदम है। मायावती जो इस फैसले का कुछ ज्यादा ही विरोध कर रही हैं, उन्हें शायद ये पता भी नहीं कि बाबा साहब अंबेडकर ने खुद ही लिखा है कि काला धन का असर बढ़ जाने पर हर दस साल बाद नोट को बदल देना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तो इस मामले में बाबा साहब का ही अनुकरण किया है। हमें पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों की वजह से यूपी में हमें पूरा लाभ मिलेगा और अपना दल पहली बार प्रदेश की सरकार में मजबूत हिस्सेदारी के साथ डॉ. सोनेलाल पटेल के सपने को पूरा करने में कामयाब होगा।
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