लखनऊ। जेल में बंद करीब 3700 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी अनुभव मित्तल की बैरक बदल दी गई है। करतूत उजागर होने के बाद उसे अब हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। जेल प्रशासन अनुभव की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। उसने किस बात पर दूसरे बंदी को फंसाने के लिए प्रयागराज हाईकोर्ट और जेल प्रशासन को ईमेल भेजा था, पुलिस इसकी छानबीन कर रही है।
उधर, गोसाईंगंज पुलिस ने अनुभव को मोबाइल देने वाले सिपाही अजय कुमार से पूछताछ की है। पता लगाया जा रहा है कि इसके पहले वह कितनी बार अनुभव को पेशी पर लेकर गया था। पुलिस दोनों के कनेक्शन खंगाल रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने जेल से बंदियों को पेशी पर ले जाने वाले पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। जेल प्रशासन ने भी सख्ती बढ़ा दी है।
अनुभव पत्नी आयुषी और पिता के साथ लखनऊ जेल में बंद है। उसकी पत्नी कानपुर की रहने वाली है, लेकिन उसकी शादी आगरा से हुई थी। खास बात यह है कि शादी के बाद अनुभव कभी ससुराल नहीं गया।
अगस्त 2015 में शुरू की थी कंपनी
अनुभव मित्तल का सोशल ट्रेड डॉट बिज नाम से ऑनलाइन सोशल मीडिया पोर्टल अगस्त 2015 में लॉन्च हुआ था। इसके चार माह बाद ही उसने आयुषी से शादी कर ली थी। बाद में आरोपी ने कंपनी का नाम एब्लेज इंफो सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड रख लिया। आयुषी इसकी निदेशक बन गई। इसके पहले आयुषी एक स्कूल में छह हजार रुपये की नौकरी करती थी।
यह है मामला
अनुभव ने जेल में बंद आनंदेश्वर अग्रहरि को फंसाने के लिए सिपाही अजय के फोन से ईमेल किया था। इसमें उसने लिखा कि आनंदेश्वर लखनऊ हाईकोर्ट के एक जज की हत्या की साजिश रच रहा है। पड़ताल के दौरान अनुभव की करतूत सामने आई थी। अनुभव और लापरवाही बरतने वाले सिपाही के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।